सोनभद्र। सदर तहसील (रॉबर्ट्सगंज) में व्याप्त भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और अधिकारियों की मनमानी कार्यशैली के विरुद्ध शनिवार को स्थानीय अधिवक्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन (DBA), सोनभद्र के बैनर तले बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर के समक्ष जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इसके पश्चात अधिवक्ताओं ने उप जिलाधिकारी (एसडीएम) रॉबर्ट्सगंज को अपनी ४ सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, सोनभद्र के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह (एडवोकेट) ने एसडीएम को तहसील की अव्यवस्थाओं से अवगत कराया।
वहीं, डीबीए के पूर्व अध्यक्ष जगजीवन सिंह (एडवोकेट) ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा तहसील में अनेक वादों (मुकदमों) का निस्तारण संबंधित पक्षों और उनके अधिवक्ताओं को सुने बिना या समुचित अवसर दिए बिना ही किया जा रहा है। यह पूरी प्रक्रिया प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के सर्वथा विपरीत है। अधिवक्ताओं ने विशेष रूप से निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि नायब तहसीलदार विजयगढ़ द्वारा वादों का त्वरित और अत्यंत मनमाने ढंग से निस्तारण किया जा रहा है, जिससे अधिवक्ताओं और वादकारियों (मुकदमा लड़ने वालों) में भारी असंतोष है।
अधिवक्ताओं ने यह सनसनीखेज आरोप भी लगाया कि कुछ मामलों में अवैध धनराशि (रिश्वत) लेकर प्रकरणों का निस्तारण किया जा रहा है। एसोसिएशन ने इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के महामंत्री राजेंद्र कुमार यादव (एडवोकेट) ने कहा कि तहसील में अधिवक्ताओं की बातों को गंभीरता से नहीं सुना जाता। इसके साथ ही दूर-दराज से आने वाले गरीब वादकारियों के साथ असम्मानजनक व्यवहार और उनके कार्यों में अनावश्यक विलंब की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इससे पूरी न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्था की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।रॉबर्ट्सगंज तहसील के न्यायिक एवं राजस्व कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
प्रत्येक पक्ष को निष्पक्ष सुनवाई का पूरा और उचित अवसर प्रदान किया जाए।भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और अधिकारियों की मनमानी पर तत्काल प्रभावी अंकुश लगाया जाए। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने जिला प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ही प्रभावी और धरातलीय कार्रवाई नहीं की गई, तो अधिवक्ता समुदाय जनहित और न्याय की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से एक व्यापक आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी तहसील व जिला प्रशासन की होगी।
रॉबर्ट्सगंज तहसील में भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ अधिवक्ताओं का फूटा गुस्सा, एसडीएम को सौंपा 4 सूत्रीय ज्ञापन
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