सोनभद्र। कहते हैं ना परहित सरिस धरम नहिं भाई अर्थात दूसरों की सेवा और मदद करने से बड़ा दुनिया में कोई धर्म नहीं है। ईश्वर ने मनुष्य को इस धरती पर एक-दूसरे का हाथ थामने और सेवा करने के लिए ही भेजा है, लेकिन आधुनिकता की अंधी दौड़ में आज का इंसान इस मूल कर्तव्य को भूलता जा रहा है। ऐसे संक्रमण काल में भी समाज के बीच कुछ ऐसे संगठन और संवेदनशील लोग हैं, जो निस्वार्थ भाव से मानवता का झंडा बुलंद किए हुए हैं। इन्हीं में से एक आदरणीय नाम उभरकर सामने आया है,टीम निशा सिंह,आज के इस कठिन और मतलबी समय में जब लोग अक्सर अपनों से भी मुंह मोड़ लेते हैं, तब टीम निशा सिंह के सदस्य असहायों के लिए देवदूत बनकर सामने आते हैं। यह टीम न केवल पीड़ित और जरूरतमंद लोगों तक त्वरित मदद पहुँचा रही है, बल्कि उनके दुख को अपना दुख समझकर उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी नजर आती है। आज के समाज को इस बुनियादी सीख की सबसे ज्यादा जरूरत है कि किसी मजबूर की मदद करने में कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। इंसान की असली पहचान उसके धन, दौलत या ऊंचे पद से नहीं, बल्कि इस बात से होती है कि उसने किसी डूबते हुए जीवन को सहारा दिया या नहीं। टीम निशा सिंह के सदस्य इसी मानवीय सिद्धांत को अपनी जिंदगी का मूलमंत्र मानकर धरातल पर काम कर रहे हैं। चाहे आधी रात का वक्त हो या कोई भी गंभीर परिस्थिति, इस टीम के साथी हमेशा सेवा के लिए तत्पर रहते हैं। मुश्किल वक्त में जब कोई साथ छोड़ देता है, तब इस टीम की उपस्थिति पीड़ित परिवार के लिए किसी बड़े संबल से कम नहीं होती। टीम की इस निस्वार्थ सेवा भावना की समाज के प्रबुद्ध जनों और आम जनता ने खुलकर सराहना की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है ।हम टीम निशा सिंह के हर एक सदस्य के जज्बे को दिल से सलाम करते हैं। वे जिस तरह दूसरों के दुख-दर्द को अपना समझकर बुरे वक्त में लोगों का साथ निभाते हैं, वह वाकई अनुकरणीय है। समाज के हर नागरिक को इनसे यह सीख लेनी चाहिए। टीम निशा सिंह का यह सेवा कार्य हम सभी को यह संदेश देता है कि हम अपनी व्यस्त जिंदगी में से थोड़ा सा समय निकालकर किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास करें। यदि हर इंसान दूसरे की तकलीफ को महसूस करना शुरू कर दे, तो यह धरती वास्तव में रहने के लिए एक स्वर्ग बन जाएगी। जनपद के नागरिकों ने टीम निशा सिंह के सभी कर्मठ सदस्यों को उनके इस मानवीय और अत्यंत सराहनीय कार्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं दी हैं।
संकट की घड़ी में टीम निशा सिंह बन रही बेसहारा लोगों का संबल निस्वार्थ सेवा से पेश की मानवता की मिसाल
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