सोनभद्र । जनपद सोनभद्र के विकास और बुनियादी ढांचे को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला खनिज फाउंडेशन न्यास (DMF) की शासी परिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में खनिज प्रभावित क्षेत्रों के समग्र एवं सतत विकास के लिए करोड़ों रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के खाके को अंतिम मंजूरी प्रदान की गई।बैठक में मुख्य रूप से माननीय सांसद छोटेलाल खरवार, विधान परिषद सदस्य विनीत सिंह, विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा, जिलाधिकारी चर्चित गौड़, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, अपर जिलाधिकारी वगीश कुमार शुक्ला, वरिष्ठ कोषाधिकारी इन्द्रभान सिंह और ज्येष्ठ खान अधिकारी कमल कश्यप सहित जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जिला स्वास्थ्य समिति की कार्ययोजना को मंजूरी देते हुए जिले के सरकारी चिकित्सालयों और राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में जरूरी मानव संसाधन (स्टाफ व डॉक्टर) उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जनपद के परिषदीय एवं माध्यमिक विद्यालयों में नए भवन, अतिरिक्त क्लासरूम, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं , शौचालय, चहारदीवारी और जीर्णोद्धार के कार्य कराए जाएंगे। ओबरा में माइनिंग ट्रेनिंग स्कूल (खनन प्रशिक्षण विद्यालय) की स्थापना की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को तकनीकी कौशल और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए आधुनिक मिनी स्टेडियम के निर्माण को मंजूरी दी गई है। वहीं, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से एक ऑयलसीड (तिलहन) प्रसंस्करण इकाई की स्थापना की जाएगी। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने और जल संरक्षण के लिए विभिन्न क्षेत्रों में चेकडैम का निर्माण भी कराया जाएगा।बैठक में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में नई सड़कों, पुल-पुलियों और संपर्क मार्गों का जाल बिछाया जाएगा।नगरीय क्षेत्रों में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए वैज्ञानिक ड्रेनेज (नाली) प्रणाली विकसित की जाएगी।प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मंगलेश्वर महादेव मार्ग और विश्व धरोहर सलखन फॉसिल पार्क तक सुगम संपर्क मार्ग विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही इन पर्यटन स्थलों के आसपास बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण को संरक्षित किया जाएगा।बेसहारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने के लिए जिले में बृहद गोसंरक्षण केंद्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है। जिला खनिज फाउंडेशन न्यास (DMF) के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, रोजगार, कृषि, पर्यटन एवं पर्यावरण संरक्षण को एक नई दिशा दी जा रही है। इन स्वीकृत परियोजनाओं से सोनभद्र के समग्र और सतत विकास की बेहद मजबूत आधारशिला रखी गई है।—चर्चित गौड़, जिलाधिकारी (सोनभद्र)
सोनभद्र के विकास का मास्टर प्लान मंजूर डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्टेडियम और पर्यटन की बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी
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