सोनभद्र | 22 मई, 2026 जनपद सोनभद्र को ऊर्जा और औद्योगिक हब के रूप में तेजी से विकसित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास तेज हो गए हैं। विकास कार्यों को गति देने और निवेश की राह में आ रही बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने आज एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में प्रस्तावित एवं संचालित बड़ी औद्योगिक व ऊर्जा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और उनके त्वरित निस्तारण के लिए रूपरेखा तैयार करना था। बैठक में देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक समूहों जैसे अडानी, जे०एस०डब्ल्यू (JSW), अबाडा और ग्रीनको की परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इन बड़ी कंपनियों की स्थापना और संचालन के मार्ग में आ रही विभिन्न प्रशासनिक, राजस्व (रेवेन्यू) तथा वन विभाग से संबंधित जटिलताओं को टेबल पर रखा गया।
जिलाधिकारी ने इन सभी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की बिंदुवार गहन समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट तलब की। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित मुख्य निर्देश दिए।निवेश से जुड़ी परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो। सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर फाइलों का समयबद्ध निपटारा करें। भूमि आवंटन के मामले, वन विभाग (Forest Department) की स्वीकृतियां, राजस्व अभिलेखों (Land Records) से जुड़े मुद्दे और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। सभी संबंधित विभाग केवल बैठकों का इंतजार न करें, बल्कि आपसी समन्वय से मामलों की सतत (नियमित) समीक्षा करें ताकि लंबित मामलों को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके। ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्र में हो रहे इस भारी निवेश से न केवल सोनभद्र बल्कि पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और विकास को एक नई गति मिलेगी। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि निवेशकों के लिए एक सकारात्मक, सुरक्षित और पारदर्शी (Transparent) माहौल तैयार करना जिला प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। सोनभद्र में प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता को देखते हुए ग्रीन एनर्जी और औद्योगिक परियोजनाओं के सफल संचालन से जिला विकास के नए सोपान तय करेगा। इस उच्चस्तरीय और महत्वपूर्ण बैठक में जनपद के सभी प्रमुख विभागों के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे। प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) – ओबरा / राबर्ट्सगंज उप जिलाधिकारी (SDM) – ओबरा / राबर्ट्सगंज महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र (GM DIC) जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक (DLRC)
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को तकनीकी, प्रशासनिक और विकासात्मक पहलुओं पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए जल्द से जल्द प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए।
सोनभद्र में औद्योगिक क्रांति को गति जिलाधिकारी ने की बड़ी परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा
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