सोनभद्र (अनपरा) जनपद में मानसून की पहली तेज बारिश ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पल भर में उजाड़ दीं। अनपरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत देर शाम अचानक हुई मूसलाधार बारिश के बाद एक बरसाती नाला काल बन गया। इस उफनाए नाले को पार करते समय 25 वर्षीय महिला और उसका आठ महीने का मासूम बच्चा तेज बहाव की चपेट में आ गए।कड़ी मशक्कत के बाद घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर मासूम बच्चे का शव तो बरामद कर लिया गया है, लेकिन मां का अब तक सिर्फ कपड़ा ही मिल सका है, उनका कोई सुराग नहीं लगा है। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। प्राप्त विवरण के अनुसार, घटना अनपरा थाना क्षेत्र के एमटीसी कंपनी के पास की है। थाना प्रभारी के मुताबिक प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि 25 वर्षीय सविता का घर बरसाती नाले के बिल्कुल समीप है। कयास लगाया जा रहा है कि वह अपने आठ महीने के मासूम बच्चे को लेकर घर से बाहर निकली थी। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्र होने के कारण बरसाती नाले का जलस्तर और बहाव इतनी तेजी से बढ़ा कि सविता और उसका मासूम बच्चा संभल नहीं पाए। देखते ही देखते मां और बेटा नाले की उफनती तेज धारा में समा गए और दूर तक बहते चले गए। यह दर्दनाक हादसा देर रात होने के कारण आसपास के लोगों को तुरंत इसकी भनक नहीं लग सकी। सुबह होते ही जब घटना की जानकारी हुई, तो स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और राहत व बचाव अभियान शुरू कराया। घटनास्थल से लगभग तीन किलोमीटर आगे जाकर स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से मासूम बच्चे का शव पानी से बाहर निकाला गया। लापता महिला सविता की खोजबीन के लिए पुलिस, स्थानीय गोताखोर और राहत दल लगातार नाले व उससे जुड़े आगे के जल स्रोतों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक महिला का कोई सुराग नहीं लग सका था, केवल उनका कपड़ा ही बरामद हो पाया है। हादसे के समय महिला का पति भी घर पर मौजूद नहीं था। जैसे ही उसे इस भयावह घटना की सूचना मिली और वह मौके पर पहुंचा, तो परिवार पर दुखों का वज्रपात हो गया। मासूम बच्चे की असमय मौत ने पूरे गांव की आंखें नम कर दी हैं। एक तरफ जहां बच्चे का शव देखकर हर कोई स्तब्ध है, वहीं दूसरी तरफ बदहवास परिजन और ग्रामीण अब भी किसी चमत्कार की उम्मीद में महिला के सकुशल मिल जाने की आस लगाए बैठे हैं। तेज बारिश के बाद अचानक उफनाने वाले ये बरसाती नाले बेहद खतरनाक साबित होते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में थोड़ी सी भी लापरवाही या अचानक बढ़ता जलस्तर पल भर में जिंदगी को दर्दनाक हादसे में बदल सकता है। जलभराव और उफनाए नालों के पास जाते समय अत्यधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
सोनभद्र में मानसून की पहली आफत उफनाए बरसाती नाले में बहे मां-बेटा, मासूम का शव मिला, मां की तलाश जारी
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