सोनभद्र। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद में पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण में वृद्धि के उद्देश्य से आरण्यक फाउंडेशन द्वारा एक विशेष सीड बॉल थ्रो अभियान का आयोजन किया गया। इस अनूठे अभियान का मुख्य उद्देश्य जनसामान्य को प्रकृति के प्रति जागरूक करना और बंजर व खाली पड़े स्थानों को हरा-भरा बनाना था। कार्यक्रम का नेतृत्व फाउंडेशन की संस्थापक चेतना सिंह ने किया। सीड बॉल की कार्यप्रणाली और उसके पर्यावरणीय महत्व को स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया कि यह एक बेहद सुलभ और प्रभावी तकनीक है। इसमें किसी फलदार या छायादार वृक्ष के बीज को मिट्टी, गोबर एवं जैविक खाद के मिश्रण से तैयार एक छोटी गेंद (बॉल) के भीतर सुरक्षित रखा जाता है। उन्होंने आगे बताया कि जब इस सीड बॉल को किसी खाली या पहाड़ी स्थान पर फेंका (प्रक्षेपण) जाता है, तो यह वहां सुरक्षित पड़ी रहती है। जैसे ही वर्षा ऋतु में इसे पर्याप्त नमी प्राप्त होती है, इसके भीतर का बीज अंकुरित होना प्रारंभ कर देता है। धीरे-धीरे यह अंकुर एक मजबूत पौधे का रूप ले लेता है और भविष्य में एक विशाल वृक्ष बनकर पर्यावरण संतुलन में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है।
फाउंडेशन की संस्थापक चेतना सिंह ने आम जनमानस से अपील करते हुए कहा, आज हमारे द्वारा बोई गई या फेंकी गई एक छोटी सी सीड बॉल आने वाले वर्षों में हजारों लोगों को स्वच्छ वायु, छाया और बेहतर पर्यावरण प्रदान कर सकती है। ग्लोबल वार्मिंग के इस दौर में प्रत्येक नागरिक को प्रकृति संरक्षण के इस अभियान से जिम्मेदारी के साथ जुड़ना चाहिए। इस सराहनीय अभियान को सफल बनाने में आरण्यक फाउंडेशन की टीम के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने न सिर्फ विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सीड बॉल का प्रक्षेपण किया, बल्कि आम लोगों के बीच इसका वितरण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाया। अभियान में मुख्य रूप से सृष्टि सिंह, मानसी, वीरेंद्र, विक्रम, शशांक, पवन, पंकज अंसल एवं कृतिका सहित टीम के सभी सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
पर्यावरण को जन आंदोलन बनाने का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी पर्यावरण प्रेमियों और प्रतिभागियों ने वर्तमान दौर में बढ़ते तापमान को देखते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा पर्यावरण संरक्षण को एक जन आंदोलन का रूप देने का सामूहिक संकल्प लिया।
सोनभद्र विश्व पर्यावरण दिवस पर आरण्यक फाउंडेशन का सीड बॉल थ्रो अभियान, हरित आवरण बढ़ाने का अनूठा प्रयास
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