ओबरा सोनभद्र। स्थानीय नगर पंचायत क्षेत्र में प्रशासनिक दावों और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए ओवरलोडिंग का एक बड़ा खामियाजा आज सुबह आम जनता को भुगतना पड़ा। रास पहाड़ी की तरफ से अत्यधिक मात्रा में गिट्टी लादकर आ रहे एक अनियंत्रित डंपर की कमानी ठीक टर्निंग पॉइंट (मोड़) पर टूट गई। घटना सुबह करीब 9:00 बजे की है, जब व्यस्ततम समय में यह डंपर बीच सड़क पर तिरछा होकर खड़ा हो गया। इसके बाद मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और देखते ही देखते पूरा इलाका चक्काजाम की चपेट में आ गया। जिस मार्ग पर यह हादसा हुआ है, वह ओबरा नगर पंचायत का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील इलाका माना जाता है। इसी मार्ग से होकर छात्र-छात्राएं स्थानीय डिग्री कॉलेज, आईटीआई स्कूल और किड्स केयर स्कूल जाते हैं। इसके साथ ही, तहसील कार्यालय और ओबरा थर्मल पावर परियोजना को जोड़ने वाला भी यही एकमात्र मुख्य मार्ग है।
सुबह ठीक 9:00 बजे जब बच्चों के स्कूल जाने और कर्मचारियों के दफ्तर पहुंचने का समय था, उसी दौरान इस भारी वाहन ने पूरे रास्ते को ब्लॉक कर दिया। जाम में फंसी स्कूली बसें, एम्बुलेंस और प्रशासनिक गाड़ियां रेंगती नजर आईं। कई छात्र समय पर अपनी कक्षाओं में नहीं पहुंच सके, तो वहीं दूर-दराज से तहसील में अपनी फरियाद लेकर आए ग्रामीणों को भी घंटों धूप में परेशान होना पड़ा। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस रिहायशी और प्रतिबंधित मार्ग पर क्षमता से दोगुना भार लादकर डंपर और भारी वाहन चौबीसों घंटे बेखौफ दौड़ रहे हैं। डंपर संख्या BR/24/GB/2748 जिस जगह पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ है, उसके ठीक बगल में सड़क किनारे बना नाला भी भारी वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण पूरी तरह टूटकर जर्जर हो चुका है। नाले की स्थिति इतनी खराब है कि यदि डंपर थोड़ा भी असंतुलित होता, तो वह सीधे पलट सकता था, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान होना तय था। इस घटना ने नगर पंचायत और स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आक्रोशित जनता अब सीधे जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांग रही है। रिहायशी इलाकों, स्कूलों और कॉलेजों वाले इस मुख्य मार्ग पर गिट्टी से ओवरलोड भारी डंपर किसकी शह पर दिनदहाड़े प्रवेश कर रहे हैं। सड़कों के टर्निंग पॉइंट और किनारे टूटे पड़े जर्जर नालों की मरम्मत समय रहते क्यों नहीं कराई जाती? क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। हर दिन लगने वाले इस जाम और जनता की परेशानी का असली जिम्मेदार कौन है—खनन माफिया, परिवहन विभाग या स्थानीय प्रशासन। सड़क पर फंसे राहगीरों और स्थानीय गणमान्य नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से भारी क्रेन मंगाकर दुर्घटनाग्रस्त डंपर को हाईवे से हटाया जाए ताकि बाधित यातायात को सुचारू किया जा सके। इसके साथ ही, क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे ओवरलोड वाहनों पर तत्काल नकेल कसी जाए, अन्यथा जनता उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
सोनभद्र ओबरा में ओवरलोडिंग का तांडव, बीच मोड़ पर टूटी डंपर की कमानी घंटों ठप रहा डिग्री कॉलेज और तहसील मार्ग
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