जखनिया गाजीपुर। भुड़कुड़ा कोतवाली क्षेत्र के कौला-जखनिया स्थित राष्ट्रीय दिव्यांग सेना के कार्यालय पर मंगलवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों ने पुलिस उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आयोजित इस प्रदर्शन में दिव्यांगों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है और आंदोलन की चेतावनी देने पर पुलिस प्रशासन अनावश्यक दबाव बनाने का प्रयास करता है। राष्ट्रीय दिव्यांग सेना के प्रदेश महासचिव चंकी पंडित ने आरोप लगाया कि दिव्यांगों की मूलभूत समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं तथा उन्हें सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि जब भी संगठन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की घोषणा करता है, पुलिस प्रशासन पदाधिकारियों को घरों में नजरबंद करने जैसी कार्रवाई करता है। चंकी पंडित के अनुसार पिछले दो दिनों से उनके कार्यालय पर चौबीस घंटे पुलिस की तैनाती कर दी गई थी, जिससे संगठन के लोगों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही थी और उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी के विरोध में दिव्यांगों ने धरना देने का निर्णय लिया।
धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलने पर भुड़कुड़ा कोतवाल धर्मेंद्र कुमार पांडे मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। उन्होंने दिव्यांगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। कोतवाल के सकारात्मक रुख और समझाने-बुझाने के बाद प्रदर्शनकारियों का आक्रोश शांत हुआ और उन्होंने धरना समाप्त कर दिया।
धरने में वरिष्ठ नेता हृदय नारायण सिंह, आलोक कुमार, अभिषेक भारद्वाज, राजकुमार सिंह, प्रबंधक लौटूराम, जसवंत यादव, चांदनी खरवार, इंद्रकला पासवान, चिंता सिंह, सविता खरवार, गुड़िया देवी, बिना सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष दिव्यांगजन मौजूद रहे।
दिव्यांगों ने पुलिस पर लगाए उत्पीड़न के आरोप, भुड़कुड़ा में धरना-प्रदर्शन के बाद हुआ समझौता
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