सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) 04 जून, 2026 जनपद में पेट्रोलियम पदार्थों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा ईंधन की कालाबाजारी, जमाखोरी और डायवर्जन (अवैध विचलन) पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से आज एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने की, जिसमें विभिन्न तेल कंपनियों के विक्रय प्रबंधकों तथा आपूर्ति विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनमानस को ईंधन की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए उन्होंने तेल कंपनियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की सभी तेल कंपनियों के विक्रय प्रबंधकों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा जनपद के सभी पेट्रोल, डीजल रिटेल आउटलेट्स और सीएनजी स्टेशनों पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए। किसी भी क्षेत्र में ईंधन की कमी के कारण आम नागरिकों को असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने थोक उपभोक्ताओं (बल्क कंज्यूमर्स) की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि खुदरा बाजार (रिटेल मार्केट) पर इसका कोई विपरित प्रभाव न पड़े और बाजार में पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) या असामान्य जमाखोरी जैसी स्थिति पैदा न हो। ईंधन की अवैध बिक्री और सुरक्षा खतरों को देखते हुए जिलाधिकारी ने बैठक में कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए। जिले के किसी भी पेट्रोल पंप पर बोतल, डिब्बे या अन्य किसी भी प्रकार के खुले एवं असुरक्षित बर्तनों में पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। जिन पेट्रोल पंपों पर अचानक या सामान्य से अधिक बिक्री देखी जाएगी, उनकी विशेष निगरानी की जाएगी ताकि कालाबाजारी या डायवर्जन की संभावनाओं को समय रहते पकड़ा जा सके। यदि कोई ग्राहक 200 लीटर से अधिक पेट्रोल या डीजल खरीदता है, तो संबंधित पेट्रोल पंप को एक विशेष रजिस्टर में उसका पूरा विवरण दर्ज करना होगा। इस रजिस्टर में ग्राहक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, वाहन संख्या और ईंधन खरीदने का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट रूप से अंकित होना अनिवार्य है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रशासनिक स्तर पर इसका सत्यापन (वेरिफिकेशन) किया जा सके। जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि उनके नेतृत्व में गठित विशेष टीमें जिले के सभी पेट्रोल पंपों का नियमित और औचक (सरप्राइज) निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान पंपों के स्टॉक और बिक्री से जुड़े सभी अभिलेखों (दस्तावेजों) की बारीकी से जांच की जाएगी। यदि किसी भी पेट्रोल पंप पर मानकों के अनुरूप रिकॉर्ड नहीं पाया जाता है, या फिर कालाबाजारी, जमाखोरी और डायवर्जन से जुड़ी कोई भी अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित डीलर या संचालक के खिलाफ नियमानुसार अत्यंत कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस रणनीतिक बैठक में प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और तेल कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं।जागृति अवस्थी (मुख्य विकास अधिकारी – CDO)इन्द्रभान सिंह (वरिष्ठ कोषाधिकारी) ध्रुव गुप्ता (जिला पूर्ति अधिकारी – DSO) विनय कुमार सिंह (अपर जिला सूचना अधिकारी) रहे।
सोनभद्र पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी और जमाखोरी पर लगेगा कड़ा पहरा, जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश
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