सोनभद्र। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष में जिला स्तरीय श्रम बंधु की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रमिक कल्याण, श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन, निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण, उपकर (सेस) संग्रहण, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा तथा श्रमिक सुविधा केंद्रों की स्थापना से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर बिंदुवार विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्रमिक हमारे समाज और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र श्रमिक तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना तथा उनके अधिकारों की रक्षा करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि श्रमिकों से जुड़े सभी मामलों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में श्रम विभाग के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि जिला स्तरीय श्रम बंधु का गठन श्रमिकों एवं सेवायोजकों (नियोक्ताओं) के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने, औद्योगिक संबंधों को मजबूत बनाने तथा श्रम कानूनों के प्रभावी प्रवर्तन के उद्देश्य से किया गया है। यह मंच श्रमिकों एवं नियोजकों के मध्य उत्पन्न होने वाले विवादों के सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण समाधान का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है। समीक्षा के दौरान विभाग द्वारा निम्नलिखित महत्वपूर्ण आंकड़े प्रस्तुत किए गए। वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित 362 के लक्ष्य के सापेक्ष 302 अधिष्ठानों का पंजीयन कराया गया। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में नया लक्ष्य आवंटित न होने के बावजूद अब तक 32 नए अधिष्ठानों का पंजीयन किया जा चुका है।जनपद में वर्तमान समय में 1 लाख 70 हजार 704 निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं, जिन्हें विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लगातार लाभान्वित किया जा रहा है। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 21.71 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 16.26 करोड़ रुपये से अधिक की उपकर राशि जमा कराई गई। वहीं चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) में अब तक 40.82 लाख रुपये का उपकर संग्रहण किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत ई-श्रम पोर्टल पर भी अधिकाधिक पात्र श्रमिकों के पंजीकरण पर विशेष बल दिया।
जिलाधिकारी ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर श्रमिक सुविधा केंद्र (लेबर अड्डा) योजना की समीक्षा करते हुए जनपद के सभी उप जिलाधिकारियों (SDMs) को निर्देशित किया कि भूमि चिन्हांकन एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करें, ताकि प्रस्तावित श्रमिक सुविधा केंद्रों की स्थापना की कार्यवाही में तेजी लाई जा सके। बैठक के दौरान इंटक (INTUC) के जिला अध्यक्ष हरदेव नारायण तिवारी ने स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए दुकानों एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रमिकों को पहचान पत्र उपलब्ध कराने, ओवरटाइम का नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित कराने तथा जनपद के सीमेंट उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों को तय मानकों के अनुसार न्यूनतम वेतन दिलाने का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। जिलाधिकारी ने इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को इन सभी प्रकरणों का गंभीरता से परीक्षण कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए श्रमिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की हिदायत दी।
सोनभद्र श्रमिकों के हितों से कोई समझौता नहीं, योजनाओं का लाभ हर पात्र तक पहुंचे- डीएम चर्चित गौड़
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