भदोही:उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “मिशन शक्ति फेज-5.0” द्वितीय चरण के अंतर्गत महिलाओं एवं बालिकाओं में सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु जनपद भदोही पुलिस द्वारा विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।
पुलिस अधीक्षक भदोही श्री अभिनव त्यागी के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक श्री शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में जनपद के समस्त थानों की एंटी रोमियो टीमों एवं महिला पुलिस कर्मियों द्वारा विद्यालयों, महाविद्यालयों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों एवं अन्य प्रमुख स्थानों पर भ्रमण कर छात्राओं, महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों तथा महिला सुरक्षा संबंधी विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। अभियान के दौरान महिलाओं को वूमेन पावर लाइन-1090, यूपी-112, महिला हेल्पलाइन-181, साइबर हेल्पलाइन-1930, एम्बुलेंस सेवा-108, सीएम हेल्पलाइन-1076 सहित विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई तथा पंपलेट वितरित कर जागरूक किया गया।भदोही पुलिस द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण हेतु जागरूकता अभियान आगे भी निरंतर संचालित किया जाता रहेगा।
“नारी सुरक्षा • नारी सम्मान • नारी स्वावलंबन”
पूर्व सिपाही पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप
वाराणसी। पुलिस विभाग के एक पूर्व सिपाही पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और भ्रष्टाचार में संलिप्त रहने का आरोप लगाते हुए क्षेत्रीय अन्वेषण निदेशक (वाराणसी) को शिकायती पत्र सौंपा गया है। शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत पत्र के अनुसार, पूर्व सिपाही सुभाष पाण्डेय पर नौकरी के दौरान कथित रूप से अवैध तरीके से बड़ी मात्रा में संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है। पत्र में दावा किया गया है कि संबंधित व्यक्ति ने लगभग 50 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियां बनाई हैं।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि वाराणसी जनपद के ग्राम फरीदपुर क्षेत्र में विभिन्न गाटा एवं आराजी नंबरों की भूमि स्वयं तथा अपनी पत्नी के नाम पर खरीदी गई है। इसके अलावा क्षेत्र में संचालित ब्लू स्टार एवं अलकनंदा पैलेस नामक होटलों का भी उल्लेख करते हुए उनकी आय के स्रोतों की जांच कराने की मांग की गई है।
पत्र में कहा गया है कि एक सिपाही के पद पर रहते हुए इतनी बड़ी संपत्ति अर्जित करना जांच का विषय है। शिकायतकर्ता ने संबंधित अधिकारियों से मामले की गहन जांच कर वास्तविक तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की है।
अधिकारियों से कार्रवाई की अपेक्षा
शिकायत पत्र प्राप्त होने के बाद अब संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा आरोपों की जांच किए जाने की संभावना है। हालांकि, अभी तक आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही संबंधित पक्ष की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने आई है|

