गाजीपुर। पूर्व मंत्री विजय मिश्रा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि राजनीति में आने का उनका प्रमुख उद्देश्य समाजसेवा के साथ-साथ गाजीपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाना था। उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान उन्होंने जनपदवासियों से चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने का वादा किया था, जिसे अपने कार्यकाल में पूरा करने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में गोरा बाजार में 200 बेड के जिला चिकित्सालय, मिश्र बाजार में 100 बेड के महिला अस्पताल तथा ट्रॉमा सेंटर सहित कई स्वास्थ्य परियोजनाओं का निर्माण कराया गया, जिससे जिले की चिकित्सा व्यवस्था को नई दिशा मिली। विजय मिश्रा ने कहा कि तत्कालीन रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के प्रयासों तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन सरकार के सहयोग से गाजीपुर को मेडिकल कॉलेज की सौगात मिली, जो जनपद की लंबे समय से चली आ रही बड़ी आवश्यकता थी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में गाजीपुर मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन लगभग 5 से 6 हजार मरीज ओपीडी सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। इसके साथ ही आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए यहां पहुंच रहे हैं।
पूर्व मंत्री ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर का निर्माण होने के बाद भी इसका संचालन शुरू नहीं हो पा रहा था। इस संबंध में उन्होंने उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, तत्कालीन प्रमुख सचिव आलोक कुमार, पार्थ सारथी सेन शर्मा तथा तत्कालीन जिलाधिकारी आर्यका अखौरी से लगातार संपर्क कर इसे शुरू कराने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू हो चुकी हैं, लेकिन अभी यह अपनी पूर्ण क्षमता से कार्य नहीं कर रहा है। इसे पूरी क्षमता के साथ संचालित कराने के लिए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला एवं अन्य अधिकारियों से लगातार वार्ता की जा रही है।
विजय मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार की “कैशलेस ट्रीटमेंट ऑफ रोड एक्सीडेंट स्कीम” के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना में घायल लोगों को गोल्डन आवर के भीतर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से देशभर में ट्रॉमा केयर नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। इसी योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्गों के निकट ट्रॉमा सेंटरों की स्थापना और अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है।
उन्होंने विश्वास दिलाया कि गाजीपुर का ट्रॉमा सेंटर जल्द ही अपनी पूर्ण क्षमता के साथ संचालित होगा। यहां डीएम क्रिटिकल केयर, एमडी एनेस्थीसिया, चेस्ट, न्यूरो और ऑर्थो विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ तथा आईसीयू, मल्टीपैरामीटर मॉनिटर, वेंटिलेटर, सक्शन मशीन, ऑक्सीजन फ्लोमीटर, एबीजी एनालाइजर, पोर्टेबल ईसीजी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि गाजीपुर का ट्रॉमा सेंटर भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिससे न केवल गाजीपुर बल्कि आसपास के जनपदों के मरीजों को भी बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी। साथ ही यह बीएचयू और अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों पर पड़ने वाले अतिरिक्त भार को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
गाजीपुर ट्रॉमा सेंटर को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस करने की तैयारी, पूर्व मंत्री विजय मिश्रा ने जताया भरोसा
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