सोनभद्र अजीत प्रताप सिंह। जनपद सोनभद्र को बाल श्रम के अभिशाप से पूरी तरह मुक्त कराने के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल एवं किशोर श्रमिकों के प्रभावी चिन्हांकन, रेस्क्यू, पुनर्वासन तथा बाल श्रम उन्मूलन अभियान में विभिन्न विभागों की सक्रिय सहभागिता को लेकर बिंदुवार विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि श्रम विभाग उत्तर प्रदेश शासन एवं माननीय मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप प्रदेश के सभी जनपदों को वर्ष 2027 तक तथा सोनभद्र जैसे आकांक्षी जनपदों को वर्ष 2026 तक बाल श्रम मुक्त घोषित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी क्रम में जनपद सोनभद्र में श्रम विभाग, मानव तस्करी विरोधी इकाई (AHTU) एवं एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के संयुक्त समन्वय से लगातार सघन जागरूकता एवं रेस्क्यू अभियान संचालित किए जा रहे हैं।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि इस विशेष अभियान के तहत जून और जुलाई 2026 माह में कुल 33 बाल एवं किशोर श्रमिकों का चिन्हांकन कर उन्हें रेस्क्यू किया गया। साथ ही बाल श्रम कराने वाले 27 व्यावसायिक संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की गई है। बैठक में रेस्क्यू किए गए इन सभी बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उनके त्वरित शैक्षणिक नामांकन, आर्थिक पुनर्वासन और शासकीय योजनाओं के तहत आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।
सोनभद्र के सभी 10 विकास खंडों की 621 ग्राम पंचायतों, 6 नगर पंचायतों तथा 1 नगर पालिका को दिसंबर 2026 तक पूर्ण रूप से बाल श्रम मुक्त घोषित करने की कार्ययोजना तय की गई है। ग्राम पंचायत एवं ब्लॉक स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति के माध्यम से प्रस्ताव पारित कराए जाएंगे। वार्ड स्तरीय समितियों द्वारा बाल श्रम मुक्ति से संबंधित औपचारिक प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। इन सभी प्रस्तावों की समीक्षा के उपरांत जिला स्तरीय समिति द्वारा अंतिम स्वीकृति प्रदान की जाएगी। बैठक में बाल एवं किशोर श्रमिकों के साथ-साथ बंधुआ श्रमिकों के चिन्हांकन तथा सड़कों पर रहने वाले बेघर/अनाथ बच्चों के बचाव व पुनर्वास के लिए गठित टीमों व नामित नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गईं। एडीएम ने खंड विकास अधिकारियों (BDO), ग्राम विकास अधिकारियों/पंचायत सचिवों तथा नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों (EO) को आपस में बेहतर समन्वय स्थापित कर आवश्यक बैठकों का आयोजन कराने का निर्देश दिया। बैठक में मुख्य रूप से जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS)
क्षेत्राधिकारी (CO, पुलिस विभाग), डिप्टी सीएमओ (Health Dept.), DLSA प्रतिनिधि, जिला बाल संरक्षण इकाई व बाल कल्याण समिति (CWC) प्रतिनिधि, चाइल्ड हेल्पलाइन कोआर्डिनेटर, जिला कौशल विकास प्रबंधन व जिला पूर्ति अधिकारी प्रतिनिधि, AHT, BDO प्रतिनिधि, श्रम विभाग के अधिकारी एवं NGO प्रतिनिधि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण एवं जिला टास्क फोर्स के सदस्य उपस्थित रहे।
वर्ष 2026 तक सोनभद्र को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में तेज होंगे प्रयास एडीएम की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक संपन्न
Related Posts
Add A Comment

