सोनभद्र। अजीत प्रताप सिंह। देश के विभाजन की भीषण त्रासदी में अपने प्राण गंवाने वाले तथा विस्थापन की असहनीय पीड़ा झेलने वाले लाखों लोगों के संघर्ष और बलिदान को स्मरण करते हुए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश शासन के समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार एवं जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की गरिमामयी मौजूदगी रही। कार्यक्रम में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों और छात्राओं ने दो मिनट का मौन रखकर विभाजन की त्रासदी का शिकार हुए निर्दोष लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।समारोह को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड ने कहा कि देश का विभाजन भारतीय इतिहास की अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक घटनाओं में से एक रहा है। उस दौर में असंख्य परिवारों ने अपनों को खोया और बेघर होकर विस्थापन का दर्द झेला। उन्होंने कहा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उन सभी विस्थापितों और मृतकों के त्याग व बलिदान को नमन करने का अवसर है। इस ऐतिहासिक त्रासदी से हमें यही सीख मिलती है कि आपसी भाईचारा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता ही किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है। हमें जाति, धर्म, क्षेत्र और भाषा के भेदों से ऊपर उठकर राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ एकजुट रहना होगा। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार ने कहा कि इतिहास की यह पीड़ा हमें विभाजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सौहार्द का वास्तविक महत्व समझाती है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को देश के इतिहास और स्वतंत्रता के लिए दिए गए कुर्बानियों से अवगत कराना हम सभी का दायित्व है। समाज में शांति, सहिष्णुता और आपसी भाईचारे की भावना को अक्षुण्ण बनाए रखना ही अमर बलिदानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस स्मृति सभा में जिले के तमाम उच्चाधिकारी मौजूद रहे। मुख्य रूप से जागृति अवस्थी (मुख्य विकास अधिकारी, सोनभद्र) ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया (जिला समाज कल्याण अधिकारी) जय राम सिंह (जिला विद्यालय निरीक्षक) सुधांशु शेखर शर्मा (अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी) राजेश कुमार भारती (सहायक पर्यटन अधिकारी) विनय कुमार सिंह (अपर जिला सूचना अधिकारी) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षकगण एवं विद्यालयी छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने देश की अखंडता, संप्रभुता, सामाजिक समरसता और आपसी सौहार्द को सदैव बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।


