सोनभद्र। 2 जून 2026। मुख्यमंत्री संदर्भ और आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ बेहद गंभीर हैं। मंगलवार को जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से जनपद स्तरीय और संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों से जुड़े लंबित और निस्तारित मामलों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों की क्लास लगाई।
बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देशित करते हुए कहा, शिकायतों के निस्तारण में केवल कागजी औपचारिकता न बरती जाए। अधिकारी खुद मामलों को देखें और यह सुनिश्चित करें कि शिकायतकर्ता की समस्या का धरातल पर वास्तविक समाधान हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई और आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतें शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं, इसलिए इनके निस्तारण में किसी भी स्तर पर शिथिलता या ढिलाई कतई स्वीकार नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विभागवार लंबित प्रकरणों की बिंदुवार जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पाया कि कुछ विभागों में शिकायतें तय समय-सीमा के नजदीक पहुंच रही हैं, जिस पर उन्होंने तत्काल कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि निस्तारण की गुणवत्ता (Quality) ऐसी होनी चाहिए कि शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो। यदि निस्तारण गलत या असंतोषजनक हुआ और शिकायत का पुनः संदर्भीकरण (शिकायतकर्ता द्वारा दोबारा शिकायत दर्ज कराना) हुआ, तो इसे संबंधित अधिकारी की अक्षमता माना जाएगा।
भ्रष्टाचार और लापरवाही के प्रति शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपनाते हुए जिलाधिकारी ने सख्त चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में टालमटोल या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। ऐसे लापरवाह कार्मिकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने का आह्वान किया। डिजिटल माध्यम से आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में जनपद स्तर के सभी थानों के प्रभारी, विकास खंडों के खंड विकास अधिकारी (BDO), तहसील स्तर के उपजिलाधिकारी (SDM) और विभिन्न तकनीकी व प्रशासनिक विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य रूप से जुड़े रहे।
आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही, होगी सख्त कार्रवाई जिलाधिकारी चर्चित गौड़
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