हर वर्ष 30 मेधावी गरीब बच्चों को मिलेगी निःशुल्क कोचिंग, IIT-JEE, NEET, NDA व UPSC की तैयारी होगी बेहतर
मोहनलालगंज लखनऊ, क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण एवं प्रतियोगी शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से डीएलएफ के समीप मेगा स्टेट कॉलोनी के बगल में स्वामी सुपर-30 कोचिंग संस्थान का भव्य शुभारंभ किया गया। संस्थान खुलने से मोहनलालगंज एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के होनहार छात्रों को अब प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए दूर शहर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे अभिभावकों और विद्यार्थियों में खुशी का माहौल है।यह संस्थान विशेष रूप से आईआईटी-जेईई, नीट, एनडीए एवं यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए समर्पित रहेगा। उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं बड़ी संख्या में छात्रों की गरिमामयी उपस्थिति रही।इस अवसर पर संस्थान की ओर से एक बड़ी सामाजिक पहल की घोषणा करते हुए बताया गया कि हर वर्ष 30 आर्थिक रूप से कमजोर एवं मेधावी छात्रों को पूर्णतः निःशुल्क कोचिंग प्रदान की जाएगी। संस्थान की इस पहल को क्षेत्र के लोगों ने शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय कदम बताया।संस्थान के संस्थापक रौशन सिंह ने कहा कि ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में प्रतिभाशाली छात्रों की कमी नहीं है, लेकिन सही मार्गदर्शन और संसाधनों के अभाव में कई छात्र अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाते। स्वामी सुपर-30 ऐसे छात्रों को बेहतर शिक्षा और उचित दिशा देने का कार्य करेगा।संस्थान के निदेशक सर्वेश पटेल ने बताया कि संस्थान में अवधारणा-आधारित शिक्षण, नियमित टेस्ट सीरीज, डाउट सेशन एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही सीपीएसटी पद्धति के माध्यम से छात्रों के तार्किक एवं विश्लेषणात्मक कौशल को विकसित किया जाएगा, जिससे वे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकें।मीडिया प्रभारी विनय गिरि ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य पारंपरिक शिक्षा और व्यावहारिक समझ के बीच की दूरी को समाप्त करना है। अनुभवी शिक्षकों एवं आधुनिक शिक्षण पद्धति के माध्यम से छात्रों को सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।अभिभावकों एवं छात्रों ने संस्थान खुलने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मोहनलालगंज में इस प्रकार की उच्चस्तरीय कोचिंग सुविधा उपलब्ध होना क्षेत्र के होनहार विद्यार्थियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इससे स्थानीय छात्रों को कम खर्च में बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिलेगा।

