ओबरा, सोनभद्र। 05 जून 2026 पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी और अपरिहार्य आवश्यकता है। वृक्ष न केवल हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर जलवायु संतुलन और जैव विविधता के संरक्षण में भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह विचार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार ने व्यक्त किए। अवसर था आज महाविद्यालय परिसर में विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर आयोजित भव्य वृक्षारोपण अभियान एवं एक दिवसीय विशेष संगोष्ठी का, जहाँ प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं ने मिलकर पर्यावरण चेतना का संदेश दिया।
संगोष्ठी को आगे बढ़ाते हुए महाविद्यालय के परीक्षा एवं पर्यावरण प्रभारी प्रो. उपेंद्र कुमार ने वृक्षों और मानव के अटूट संबंध पर प्रकाश डाला। प्रो. उपेंद्र कुमार ने कहा वृक्ष पर्यावरण संरक्षण के सशक्त माध्यम होने के साथ-साथ संपूर्ण मानव जीवन का मूल आधार भी हैं। हर नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। हमारा पौधारोपण तभी सार्थक सिद्ध होगा, जब हम उन नन्हे पौधों को एक विशाल वृक्ष बनने तक उनका पूर्ण संरक्षण और संवर्धन (देखभाल) करते रहें। संगोष्ठी के दौरान महाविद्यालय के डॉ. विकास कुमार एवं डॉ. अंजलि मिश्रा ने संयुक्त रूप से छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने युवा शक्ति का आह्वान करते हुए उन्हें अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, जल का अपव्यय रोकने (जल संरक्षण) और अपने आस-पास एक स्वच्छ व हरित वातावरण के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित किया। वक्ताओं ने कहा कि युवा ही पर्यावरण क्रांति के असली संवाहक हैं। संगोष्ठी के उपरांत एक पेड़ माँ के नाम और हरित परिसर की परिकल्पना को साकार करते हुए महाविद्यालय प्रांगण में वृहद स्तर पर पौधरोपण किया गया। प्राचार्य, प्राध्यापकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने छात्र-छात्राओं के साथ मिलकर विभिन्न छायादार और फलदार पौधे रोपे।कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति इस अवसर पर मुख्य रूप से महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. प्रेम सुंदरी, डॉ. विभा पाण्डेय, डॉ. आलोक यादव, डॉ. वैशाली शुक्ला, डॉ. संघमित्रा सहित गैर-शिक्षण स्टाफ से धर्मेंद्र कुमार, महेश पाण्डेय, सैफुद्दीन, कुंदन कुमार एवं भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से रोपे गए पौधों को जीवित रखने और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया।
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा में विश्व पर्यावरण दिवस पर संगोष्ठी व वृक्षारोपण पौधा लगाने के साथ वृक्ष बनने तक संरक्षण भी जरूरी
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