सोनभद्र/मिर्जापुर। 2 जून 2026। प्रथम हिंदी समाचार पत्र उदंत मार्तंड के ऐतिहासिक 200 वर्ष पूरे होने के गौरवमयी अवसर पर पूरे देश में 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया गया। इस ऐतिहासिक पड़ाव को स्मरणीय बनाने के लिए मिर्जापुर जनपद में हिंदी पत्रकारिता दिवस एवं विंध्य गौरव सम्मान समारोह-2026 का एक भव्य और गरिमामयी आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित समारोह में साहित्य, कला, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली देश व क्षेत्र की चुनिंदा विभूतियों को सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में सोनभद्र जनपद की प्रख्यात लेखिका, कवयित्री, शायरा, प्रखर आलोचक और प्रख्यात समाजसेवी डॉ. रचना तिवारी को उनकी उत्कृष्ट साहित्यिक व सामाजिक सेवाओं के लिए विंध्य गौरव सम्मान 2026 से नवाजा गया। डॉ. रचना तिवारी को यह सम्मान मिलने से पूरे सोनभद्र जनपद के साहित्यकारों और प्रबुद्ध वर्ग में हर्ष की लहर दौड़ गई है। समारोह के मुख्य अतिथि एवं मिर्जापुर के माननीय प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) संजय कुमार शुक्ला ने डॉ. रचना तिवारी को मंच पर स्मृति चिह्न, अंगवस्त्रम और सम्मान पत्र भेंट कर इस प्रतिष्ठित उपाधि से विभूषित किया। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए प्रशासनिक, न्यायिक और शैक्षिक जगत की कई बड़ी हस्तियां विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच पर मौजूद रहीं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं। डॉ. विश्राम (अपर आयुक्त, विंध्याचल मंडल) पवन कुमार गंगवार (जिलाधिकारी, मिर्जापुर) अपर्णा रजत कौशिक (पुलिस अधीक्षक, मिर्जापुर) प्रोफेसर डॉ. संजीव सिंह, राकेश कुमार (डीएफओ) प्राचार्य (विंध्य मेडिकल कॉलेज)
इसके अलावा मिर्जापुर, सोनभद्र और संपूर्ण विंध्य क्षेत्र के सैकड़ों प्रबुद्ध नागरिक, संस्कृति कर्मी, वरिष्ठ पत्रकार, शिक्षाविद और छात्र इस भव्य आयोजन में उपस्थित रहे। बता दें कि डॉ. रचना तिवारी हिंदी साहित्य जगत का एक बेहद प्रतिष्ठित और जाना-माना नाम हैं। वे न केवल एक उत्कृष्ट लेखिका और कवयित्री हैं, बल्कि देश के हजारों राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर अपनी कविताओं और धारदार व्याख्यानों से अमिट छाप छोड़ चुकी हैं। अब तक उनकी एक दर्जन से अधिक साहित्यिक पुस्तकें प्रकाशित होकर पाठकों के बीच वाहवाही बटोर चुकी हैं। डॉ. रचना तिवारी इससे पूर्व भी दर्जनों राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े सम्मानों से विभूषित की जा चुकी हैं। हाल ही में प्रकाशित उनकी दो नई कृतियाँ मेरे गीत तुम ही से जन्मे और सपनों की उम्र नहीं होती समकालीन हिंदी साहित्य जगत में खासा चर्चित हैं और समीक्षकों द्वारा खूब सराही जा रही हैं। मिर्जापुर की ऐतिहासिक धरती पर इस गरिमामयी मंच से विंध्य गौरव सम्मान प्राप्त कर डॉ. रचना तिवारी ने न केवल अपनी साहित्यिक साधना को प्रमाणित किया है, बल्कि पूरे सोनभद्र जनपद का गौरव संपूर्ण प्रदेश में बढ़ाया है।
सोनभद्र का बढ़ा मान जानी-मानी साहित्यकार डॉ. रचना तिवारी विंध्य गौरव सम्मान 2026 से विभूषित
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