Close Menu
Voice India News
  • होम
  • अंतराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • वाराणसी
  • राज्य
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • बिहार
  • अपराध
  • मनोरंजन
  • पूर्वांचल
  • खेल
  • शिक्षा
  • फोटो गैलरी
  • लोकसभा चुनाव 2024
What's Hot

ओबरा अंबेडकर स्टेडियम मे वोर्टेक्स कप 2026 का भव्य उद्घाटन के साथ क्रिकेट प्रतियोगिता का आगाज़, रैपिड फायर ने हंसवाहिनी क्लब को 44 रनों से रौंदा

Saturday, 6 June 2026, 18:49 IST

विश्व पर्यावरण दिवस पर अनपरा तापीय परियोजना में वृहद पौधरोपण पर्यावरण की रक्षा हमारा नैतिक कर्तव्य

Saturday, 6 June 2026, 18:47 IST

चोपन संदिग्ध परिस्थितियों में कक्षा 8 की छात्रा का फंदे से लटका मिला शव, क्षेत्र में सनसनी

Saturday, 6 June 2026, 18:46 IST
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Voice India NewsVoice India News
Contact Us
  • होम
  • अंतराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • वाराणसी
  • राज्य
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • बिहार
  • अपराध
  • मनोरंजन
  • पूर्वांचल
  • खेल
  • शिक्षा
  • फोटो गैलरी
  • लोकसभा चुनाव 2024
Voice India News
Home » खाद्य हानि से खाद्य नेतृत्व की ओर: दक्षिण एशिया के लिए अगला बड़ा अवसर है खाद्य प्रसंस्करण- श्री चिराग पासवान
वाराणसी

खाद्य हानि से खाद्य नेतृत्व की ओर: दक्षिण एशिया के लिए अगला बड़ा अवसर है खाद्य प्रसंस्करण- श्री चिराग पासवान

adminBy adminThursday, 4 June 2026, 18:10 ISTNo Comments8 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp LinkedIn Telegram Pinterest Tumblr Reddit Email
Share
Facebook WhatsApp Twitter LinkedIn Pinterest Email Copy Link

दक्षिण एशिया खाद्य प्रणालियों की अपनी यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। समृद्ध कृषि-जैव विविधता वाला एक प्रमुख क्षेत्र होने के बावजूद, खेत से उपभोक्ता तक पहुँचने की प्रक्रिया में अभी तक बहुत अधिक मूल्य नष्ट हो जाता है—जो किसानों, रोजगार और पोषण के लिए एक चूका हुआ अवसर है।
भारत इस विरोधाभास का स्पष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के अनुसार, भारत दूध और दालों का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक तथा फल और सब्जियों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। इसके बावजूद, कटाई के बाद की प्रक्रियाओं, भंडारण, लॉजिस्टिक्स और प्रसंस्करण में मौजूद कमियों के कारण खाद्य पदार्थों की बड़ी मात्रा में हानि होती रहती है। इससे सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) सहित वैश्विक विकास प्राथमिकताओं की दिशा में होने वाली प्रगति प्रभावित होती है। यह केवल अक्षमता भर नहीं है, बल्कि चूका हुआ अवसर भी है। बर्बाद होने वाले खाद्य पदार्थों का प्रत्‍येक टन, किसानों की खोई हुई आमदनी, युवाओं के लिए खोए हुए रोजगार के अवसर और परिवारों के लिए खोए हुए पोषण का प्रतीक है। इसलिए, इस हानि को मूल्य में बदलना अब एक क्षेत्रीय प्राथमिकता बन जाना चाहिए।
खाद्य प्रसंस्करण मूल्यवर्धित कृषि की संभावनाओं का पता लगाने की कुंजी है। यह खेतों को बाजारों से, किसानों को उद्योगों से तथा स्थानीय उत्पादन को क्षेत्रीय और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ता है। इस प्रकार, यह कृषि और व्यापक आर्थिक परिवर्तन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करता है।
मात्रा से मूल्य की ओर
दशकों से कृषि नीतियों का मुख्य उद्देश्य उत्पादन बढ़ाना और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा है। इस प्रयास ने खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में लाभ दिलाएं हैं। लेकिन अब अगले चरण में मूल्य सृजन, रोजगार के अवसरों के सृजन, किसानों की आय में वृद्धि और पोषण संबंधी परिणाम बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। भारत में, वर्तमान में कृषि उपज का केवल लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा ही प्रसंस्कृत किया जाता है। क्षेत्र की पूर्ण आर्थिक क्षमता का लाभ उठाने के लिए इस हिस्सेदारी को बढ़ाकर 2030 तक लगभग 25 प्रतिशत करना आवश्यक है। साथ ही, कटाई के बाद होने वाली खाद्य हानियों को कम करना और प्रसंस्करण से जुड़े तंत्रों को मजबूत बनाना भी अत्यंत महत्वपूर्ण होगा, ताकि अर्थव्यवस्था में अधिक से अधिक मूल्य बना रहे। खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों की भंडारण अवधि बढ़ाता है, खाद्य सुरक्षा में सुधार करता है तथा नए और घरेलू निर्यात बाजारों तक पहुँच के अवसर प्रदान करता है। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि यह आर्थिक मूल्य के बड़े हिस्से को उत्पादक देशों के भीतर ही बनाए रखने में मदद करता है, जिससे किसानों, उद्यमों और ग्रामीण समुदायों को प्रत्यक्ष लाभ मिलता है।
बाज़ार आधारित मूल्य श्रृंखलाओं को आकार देना
इस परिवर्तन को सफलतापूर्वक साकार करने के लिए मूल्य श्रृंखला के प्रत्येक चरण —उत्पादन और संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और बाज़ार तक पहुँच सुनिश्चित करने में समन्वित निवेश की आवश्यकता होगी। गुणवत्ता, सुरक्षा, ट्रेसबिलिटी तथा लागत-प्रभावशीलता के प्रति उपभोक्ताओं की बदलती अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए अधिक एकीकृत और समग्र दृष्टिकोण अपनाना अनिवार्य होगा।
दक्षिण एशिया की समृद्ध कृषि-जैव विविधता उच्च मूल्य वाले उत्पादों के विकास की अपार संभावनाएँ प्रदान करती है, विशेषकर ऐसे समय में जब वैश्विक मांग अधिक विविधतापूर्ण, पौष्टिक और विशिष्ट खाद्य उत्पादों की ओर बढ़ रही है। साथ ही, डिजिटल समाधान ट्रेसबिलिटी को मजबूत करने, गुणवत्ता मानकों में सुधार लाने और लगातार जटिल होते वैश्विक बाज़ारों में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इसमें सार्वजनिक निवेश की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन इसे निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी को भी प्रोत्साहित करना चाहिए। निवेश को बड़े पैमाने पर आकर्षित करने के लिए व्यावसायिक वातावरण को मजबूत बनाना, जोखिमों को कम करना तथा प्रभावी सार्वजनिक-निजी साझेदारी को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक होगा।
भारत ने इस दिशा में पहले ही प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना तथा उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना जैसी प्रमुख योजनाओं के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के लिए ज़रूरी कदम उठाए हैं। ये कदम बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने, कोल्ड चेन नेटवर्क का विस्तार करने और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जिससे अधिक गतिशील, प्रतिस्पर्धी क्षेत्र के लिए नींव रखी जा रही है।
रोजगार के अवसर वहीं, जहाँ उनकी सर्वाधिक आवश्यकता है
खाद्य प्रसंस्करण केवल आर्थिक दक्षता के बारे में ही नहीं है—यह आजीविका से भी जुड़ा हुआ है।
पूरे दक्षिण एशिया में लाखों युवा हर वर्ष श्रम बाज़ार में प्रवेश करते हैं, जबकि कृषि क्षेत्र अकेले अब इस बढ़ती हुई श्रम शक्ति को समाहित करने में सक्षम नहीं है। ऐसे में खाद्य प्रसंस्करण एक प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है।
उत्पादन केंद्रों के निकट उद्योगों की स्थापना करके यह लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग, खाद्य प्रौद्योगिकी और संबंधित सेवाओं के क्षेत्रों में विकेंद्रीकृत रोजगार सृजित करता है। साथ ही, यह उद्यमिता के नए अवसर भी प्रदान करता है, जिससे सूक्ष्म और लघु उद्यमों को बढ़ने, औपचारिक बनने और आधुनिक मूल्य श्रृंखलाओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।
यही इस क्षेत्र की वास्तविक संभावनाएँ निहित हैं— केवल खाद्य में मूल्य जोड़ने में नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर सार्थक रोजगार सृजित करने में, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में तथा महिलाओं और युवाओं के लिए ।
बदलते वैश्विक बाज़ार में प्रतिस्पर्धा
भारत के प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात में लगातार वृद्धि हुई है, जो वैश्विक बाजारों में इसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। जिस प्रकार नए व्यापार समझौते बाज़ार के अवसर उत्‍पन्‍न कर रहे हैं, ऐसे में अब ध्यान कच्चे कृषि उत्पादों के निर्यात से हटकर उच्च मूल्य वाले प्रसंस्कृत उत्पादों के निर्यात की ओर केंद्रित होना चाहिए।
वैश्विक उपभोक्ता अब ऐसे खाद्य पदार्थों की अधिक मांग कर रहे हैं जो सुरक्षित, पौष्टिक, ट्रेस करने योग्य और सतत रूप से उत्पादित हों। इससे गुणवत्ता, मानकों और नवाचार का महत्व और बढ़ जाता है—ये ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें भारत अपनी क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है।
इन अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए तकनीक, गुणवत्ता अवसंरचना, ट्रेसबिलिटी प्रणालियों और ब्रांडिंग में और अधिक निवेश करना आवश्यक होगा। वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी मूल्य श्रृंखलाओं का निर्माण उत्पादकों और उद्यमों को मूल्य श्रृंखला में ऊपर उठने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने में सक्षम बनाएगा।
स्थिरता को केंद्र में रखते हुए
खाद्य प्रणालियों का रूपांतरण भी स्थिर और लचीला होना चाहिए।
खाद्य हानि को कम करना भूमि, जल और ऊर्जा संसाधनों पर दबाव घटाने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है। साथ ही, अपशिष्ट मूल्यवर्धन- अर्थात कृषि उप-उत्पादों को नए उत्पादों में बदलने की दिशा में रहे नवाचार भी नए आर्थिक अवसरों को जन्‍म दे रहे हैं और पर्यावरणीय प्रभाव को भी कम कर रहे हैं।
सतत खाद्य प्रसंस्करण इकोसिस्‍टम सभी आयामों में मूल्य प्रदान करता है: बेहतर पोषण परिणामों में सहायता करता है, पर्यावरणीय पदचिह्नों को घटाता है और मूल्य श्रृंखला में आय तथा रोजगार के अवसर बढ़ाता है।
दक्षिण एशिया के नेतृत्व के लिए एक अवसर
इस क्षण की विशेषता यह है कि यह केवल किसी एक देश के बारे में नहीं है—बल्कि पूरे क्षेत्र के साथ मिलकर आगे बढ़ने का अवसर है।
दक्षिण एशियाई देश साझा चुनौतियों: खंडित आपूर्ति श्रृंखलाओं, सीमित प्रसंस्करण क्षमता और कटाई के बाद होने वाली उच्च स्तर की खाद्य हानि- का सामना कर रहे हैं, लेकिन ये साझा बाधाएँ साझा समाधानों के अवसर भी उत्‍पन्‍न करती हैं।
साउथ एशियन पॉलिसी लीडरशिप फॉर इम्प्रूव्ड न्यूट्रिशन एंड ग्रोथ (एसएपीएलआईएनजी) जैसे क्षेत्रीय मंच इस परिवर्तन को गति देने में मदद कर रहे हैं—सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान और निवेश का ऐसा स्थान तैयार कर रहे हैं, जिसे कोई भी देश अकेले हासिल नहीं कर सकता। अनलॉकिंग वैल्यू डायलॉग इसी प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष उदाहरण है: यह पूरे क्षेत्र के नीति-निर्माताओं, नवाचारकर्ताओं, उद्योग जगत के दिग्‍गजों और विकास साझेदारों को एक साथ लाकर ऐसे संबंध स्थापित करता है, ज्ञान साझा करता है और साझेदारियाँ बनाता है, जो बेहतर रोजगार और अधिक मजबूत खाद्य प्रणालियों में परिवर्तित हो सकें।
उत्पादन और नीतिगत नवाचार दोनों में अग्रणी होने के नाते भारत को इस क्षेत्रीय परिवर्तन को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।
नीतियों से क्रियान्वयन की ओर
हमारे सामने विकल्प स्पष्ट है।
हम या तो आपूर्ति श्रृंखला के हर चरण में मूल्य की हानि जारी रख सकते हैं, या फिर ऐसी आधुनिक और एकीकृत मूल्य श्रृंखलाओं का निर्माण कर सकते हैं, जो हर स्तर पर मूल्य का सृजन करें और उसे बनाए रखें।
हम कच्चे कृषि उत्पादों के निर्यातक बने रह सकते हैं, या फिर उच्च मूल्य वाले, टिकाऊ खाद्य उत्पादों में अग्रणी बन सकते हैं।
इस परिवर्तन का मार्ग खाद्य प्रसंस्करण से होकर गुजरता है।
खेतों से लेकर उद्यमों तक, और स्थानीय बाज़ारों से वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं तक—खाद्य प्रणालियों का यह रूपांतरण इस क्षेत्र के आर्थिक भविष्य को परिभाषित करेगा। नीति, निवेश और साझेदारी के सही संयोजन के साथ, दक्षिण एशिया खाद्य हानि से खाद्य नेतृत्व की ओर बढ़ सकता है।
इसी भावना के साथ, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय अगले एसएपीएलआईएनजी उच्च-स्तरीय नीतिगत संवाद की मेज़बानी करने के लिए उत्सुक है, जो विश्व बैंक समूह सहित सरकारों, व्यवसायों और विकास साझेदारों को एक साथ लाया जाएगा, ताकि ऐसे समाधानों को आगे बढ़ाया जा सके, जो रोजगार सृजित करें, निवेश को बढ़ावा दें और पूरे दक्षिण एशिया में अधिक मजबूत खाद्य प्रणालियाँ विकसित करें।
(लेखक केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हैं)

Views: 16
crime news Varanasi voice india news voice news india
Share. Facebook Twitter WhatsApp Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
Previous Articleविश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर जन जागरूकता अभियान
Next Article टीजीटी परीक्षा का जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

Related Posts

ओबरा अंबेडकर स्टेडियम मे वोर्टेक्स कप 2026 का भव्य उद्घाटन के साथ क्रिकेट प्रतियोगिता का आगाज़, रैपिड फायर ने हंसवाहिनी क्लब को 44 रनों से रौंदा

Saturday, 6 June 2026, 18:49 IST

विश्व पर्यावरण दिवस पर अनपरा तापीय परियोजना में वृहद पौधरोपण पर्यावरण की रक्षा हमारा नैतिक कर्तव्य

Saturday, 6 June 2026, 18:47 IST

चोपन संदिग्ध परिस्थितियों में कक्षा 8 की छात्रा का फंदे से लटका मिला शव, क्षेत्र में सनसनी

Saturday, 6 June 2026, 18:46 IST
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

मतदाता सूची में भारी अनियमितताओं का आरोप, जिला अधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन

Tuesday, 2 June 2026, 16:40 IST2 Mins Read

बढ़ती बिजली, पेट्रोल-डीजल दरों से फर्नीचर व्यापार मंदी की आशंका में, वाराणसी फर्नीचर मंडल ने जताई चिंता

Tuesday, 2 June 2026, 15:15 IST2 Mins Read

वाराणसी टूरिज्म संगठन ने मनाया अपना स्थापना दिवस

Tuesday, 2 June 2026, 15:06 IST2 Mins Read

Subscribe to Updates

Get the latest sports news from SportsSite about soccer, football and tennis.

Advertisement
Demo

Our Head Office → Flat No - 287, New Colony, Tilampur, Ashapur, Sarnath, Varanasi, 221007, Ph No - 9219824500, Mail us - manishupadhyaybhu@gmail.com

Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
Top Insights

ओबरा अंबेडकर स्टेडियम मे वोर्टेक्स कप 2026 का भव्य उद्घाटन के साथ क्रिकेट प्रतियोगिता का आगाज़, रैपिड फायर ने हंसवाहिनी क्लब को 44 रनों से रौंदा

Saturday, 6 June 2026, 18:49 IST

विश्व पर्यावरण दिवस पर अनपरा तापीय परियोजना में वृहद पौधरोपण पर्यावरण की रक्षा हमारा नैतिक कर्तव्य

Saturday, 6 June 2026, 18:47 IST

चोपन संदिग्ध परिस्थितियों में कक्षा 8 की छात्रा का फंदे से लटका मिला शव, क्षेत्र में सनसनी

Saturday, 6 June 2026, 18:46 IST
Get Informed

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 Voice India News. Designed by Hoodaa.
  • होम
  • अंतराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • वाराणसी
  • राज्य
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • बिहार
  • अपराध
  • मनोरंजन
  • पूर्वांचल
  • खेल
  • शिक्षा
  • फोटो गैलरी
  • लोकसभा चुनाव 2024

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.