भदोही:-जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों, योजनाओं एवं सेवाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न प्रदर्शन संकेतकों (इंडिकेटर्स) में अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा जनहित से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद की समस्त स्वास्थ्य इकाइयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं चिकित्सालयों में साफ-सफाई, सुव्यवस्था एवं रोगी हित से संबंधित व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी वार्डों में सप्ताह के सातों दिनों के अनुरूप निर्धारित सात रंगों की चादरें बिछाई जाएं चादरों पर डे वाईज का अंकन किया गया है इसके साथ ही प्रतिदिन की व्यवस्थाओं का फोटोग्राफिक अभिलेख तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई स्वास्थ्य संकेतकों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है तथा विभिन्न कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में शिथिलता बरती गई है। इस पर जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीघ एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोपीगंज के अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं स्वास्थ्य कार्यक्रमों में संतोषजनक प्रदर्शन न होने तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में पिछड़ने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुरियावां के अधीक्षक का वेतन रोकने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
बैठक में आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि भुगतान कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजपाल यादव का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके भुगतान में किसी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने जनपद में झोलाछाप चिकित्सकों एवं अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कार्रवाई में अपेक्षित प्रगति न मिलने तथा प्रभावी अभियान संचालित न किए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भदोही के अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अवैध चिकित्सकीय गतिविधियों के विरुद्ध नियमित अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे आमजन के स्वास्थ्य एवं जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम, आयुष्मान भारत योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम, पोषण संबंधी गतिविधियों तथा अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी कार्यक्रमों का संचालन शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से किया जाए तथा निर्धारित लक्ष्यों को हर हाल में प्राप्त किया जाए।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी जनसेवा की भावना के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें। चिकित्सालयों में उपलब्ध सुविधाओं, मानव संसाधनों की स्थिति, औषधियों की उपलब्धता, जांच सुविधाओं तथा रोगियों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए सभी अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करें तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी समीक्षा बैठकों में प्रगति की पुनः समीक्षा की जाएगी तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला स्वास्थ्य समिति के सदस्यगण, चिकित्सा अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

