रेणुकूट (सोनभद्र)।औद्योगिक नगर रेणुकूट के वी-मार्ट के आगे धैकार बस्ती के समीप सोमवार (1 जून 2026) की रात हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। कार, टेम्पो और बाइक के बीच हुई इस त्रिकोणीय और जोरदार भिड़ंत में एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। इस भयावह घटना के बीच स्थानीय सामाजिक संस्था टीम निशा ने जिस तत्परता से घायलों की मदद की, उसने एक बार फिर इंसानियत की मिसाल पेश की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात लगभग 8:15 बजे वी-मार्ट के सामने तीनों वाहनों में इतनी जोरदार टक्कर हुई कि उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग सहम गए। टक्कर लगते ही बाइक सवार युवक और महिला सड़क पर दूर जा गिरे। दोनों गंभीर रूप से लहुलूहान हो चुके थे और दर्द से तड़प रहे थे। मौके पर मची चीख-पुकार के बीच स्थानीय नागरिकों ने समय न गंवाते हुए क्षेत्र की सक्रिय सामाजिक संस्था टीम निशा के संरक्षक बबलू सिंह (डब्लू सिंह) को घटना की जानकारी दी। घटना की सूचना मिलते ही टीम निशा के सक्रिय सदस्य पलक झपकते ही मौके पर पहुंच गए। टीम के सदस्यों ने स्थानीय लोगों के सहयोग से बिना वक्त गंवाए दोनों घायलों को संभाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए तुरंत वाहनों व एम्बुलेंस की व्यवस्था की। बेहद दुखद बात यह रही कि अस्पताल ले जाते समय गंभीर रूप से घायल युवक के शरीर ने रास्ते में ही साथ छोड़ दिया और उसकी सांसें थम गईं। डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल महिला को तत्काल हिंडाल्को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी जिंदगी बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस दर्दनाक हादसे के बाद जहां एक तरफ क्षेत्र में शोक की लहर है, वहीं दूसरी तरफ टीम निशा और उसके संरक्षक बबलू सिंह (डब्लू सिंह) की सेवा भावना को देखकर स्थानीय लोगों की आंखें नम हो गईं।
घायलों को तड़पता देख जिस तरह टीम के सदस्यों ने अपनी जान लगा दी, उसे देखकर मौके पर मौजूद लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने भावुक होकर कहा इंसान कहता है कि भगवान हर जगह नहीं आ सकता, लेकिन दुख की इस भीषण घड़ी में जो व्यक्ति बिना स्वार्थ के आकर खड़ा हो जाए और मरते हुए लोगों का साथ दे, वह हमारे लिए इंसान नहीं बल्कि भगवान का ही रूप होता है। फिलहाल, मृतक युवक के शव को पंचनामा के बाद अस्पताल के शवगृह (मोर्चरी) में रखवा दिया गया है और स्थानीय पुलिस दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की विधिक जांच में जुट गई है। संकट के समय टीम निशा द्वारा दिखाई गई यह तत्परता आज पूरे सोनभद्र क्षेत्र में चर्चा और सराहना का विषय बनी हुई है।
रेणुकूट सड़क हादसा दम तोड़ते युवक के लिए देवदूत बनी टीम निशा, समाज ने कहा— दुख की घड़ी में साथ देने वाला इंसान नहीं, भगवान होता है
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