अनपरा, सोनभद्र। एनसीएल ककरी परियोजना स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रांगण में मातृ दिवस (Mothers Day) का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर वक्ताओं ने माँ को संस्कार की पहली पाठशाला बताते हुए समाज में उनके अद्वितीय योगदान को नमन किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि उमा तिवारी (धर्मपत्नी विद्यालय प्रबंधक जेपी तिवारी) एवं विशिष्ट अतिथि गीता देवी द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पण के साथ किया गया। अतिथियों का औपचारिक परिचय श्रीमती वेदवती जी द्वारा कराया गया। सम्मान की कड़ी में अनामिका एवं स्वाति जी ने मुख्य व विशिष्ट अतिथि को अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य ने विद्यालय के प्रबंधक जगदीश्वरी प्रसाद तिवारी को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया। विद्यालय की छात्राओं ने जब तू कितनी अच्छी है माँ, कितनी भोली है, प्यारी-प्यारी माँ…जैसे मर्मस्पर्शी और भावपूर्ण गीतों की प्रस्तुति दी, तो वहां उपस्थित माताओं की आँखें भर आईं। पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट और भावुकता के माहौल से सराबोर हो गया। मुख्य अतिथि उमा तिवारी ने अपने संबोधन में कहा, जीवन में माँ का स्थान कोई नहीं ले सकता। वह केवल जन्मदात्री नहीं, बल्कि बच्चे के चरित्र निर्माण की पहली पाठशाला है। विशिष्ट अतिथि गीता देवी ने जोर देते हुए कहा कि माँ के प्रति सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हमारे जीवन का हर दिन माँ के चरणों में समर्पित होना चाहिए। विद्यालय के प्रधानाचार्य शिव जी राय ने माँ की सेवा को ही सबसे बड़ी पूजा बताया। इस दौरान स्वाति जी ने उपस्थित सभी भैया-बहनों और जनसमूह को अपनी माताओं के प्रति अटूट निष्ठा और आजीवन सेवा भाव रखने की शपथ दिलाई।कार्यक्रम के समापन पर संयोजिका सुनीता जी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन सुश्री अंकिता पांडे ने किया। इस गरिमामयी अवसर पर विद्यालय के आचार्य गण, कर्मचारी और बड़ी संख्या में माताओं की उपस्थिति रही।
सरस्वती विद्या मंदिर ककरी में मातृ दिवस पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, गीतों की प्रस्तुति से भावुक हुईं माताएं
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