सोनभद्र (08 जून, 2026)। जनता की समस्याओं के निस्तारण में ढुलमुल रवैया और खानापूर्ति करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सोनभद्र जिला प्रशासन ने अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री के प्राथमिकता वाले आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर प्राप्त जन शिकायतों के निस्तारण में घोर लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने उ०प्र० जल निगम (ग्रामीण), सोनभद्र के अधिशासी अभियंता (EE) से लेकर पूरे स्टाफ का जून-2026 का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है। इसके साथ ही तहसील दूद्धी में खराब प्रदर्शन पर तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार स्थित जनसुनवाई कक्ष में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की विभागवार समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान समीक्षा में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कई विभागों के अधिकारियों ने शिकायतकर्ता की समस्या का धरातल पर समाधान किए बिना और उनकी संतुष्टि प्राप्त किए बगैर ही पोर्टल पर भ्रामक या खानापूर्ति वाली आख्या (रिपोर्ट) अपलोड कर संदर्भों को बंद (निस्तारित) कर दिया। इसके चलते पोर्टल पर असंतुष्ट फीडबैक की संख्या लगातार बढ़ रही थी। शासन और मंडल स्तर से लगातार मिल रहे कड़े निर्देशों के बावजूद इस लापरवाही पर गहरी नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने दो टूक कहा आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतकर्ता से सीधे संवाद स्थापित कर उसकी संतुष्टि सुनिश्चित करने की स्पष्ट व्यवस्था है। इसके बावजूद नियमों का अनुपालन न करना अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। असंतुष्ट फीडबैक में निरंतर वृद्धि शासन की मंशा के बिल्कुल विपरीत है और यह पदीय दायित्वों के प्रति घोर उदासीनता व लापरवाही का द्योतक है। (जिलाधिकारी चर्चित गौड़) समीक्षा में उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण), सोनभद्र की स्थिति सबसे खराब पाए जाने पर जिलाधिकारी ने तत्काल कड़ा एक्शन लिया। उन्होंने विभाग के अधिशासी अभियन्ता ,
सहायक अभियन्ता, अवर अभियन्ता , सहित समस्त स्टाफ,के माह जून-2026 के वेतन आहरण (Salary) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए। डीएम ने साफ चेतावनी दी है कि यदि असंतुष्ट फीडबैक में सुधार नहीं हुआ, तो सीधे उत्तरदायित्व तय करते हुए अधिकारियों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई और निलंबन की संस्तुति शासन को भेज दी जाएगी। जल निगम के अलावा तहसील दूद्धी के अंतर्गत भी जन शिकायतों के निस्तारण में भारी शिथिलता और लापरवाही पकड़ी गई। जिलाधिकारी ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए तहसीलदार दूद्धी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं कि क्यों न उनके खिलाफ इस लापरवाही के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। प्रशासन का कड़ा संदेश
जिलाधिकारी ने जिले के सभी विभागध्यक्षों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही अथवा औपचारिकता (खानापूर्ति) किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण धरातल पर दिखना चाहिए।
आईजीआरएस में लापरवाही पर डीएम चर्चित गौड़ का बड़ा चाबुक जल निगम (ग्रामीण) के पूरे स्टाफ का वेतन रोका, तहसीलदार दूद्धी को कारण बताओ नोटिस
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