ओबरा (सोनभद्र) सरकारी फाइलें कहती हैं कि जनता को शुद्ध पेयजल मिल रहा है, भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच जहां इंसान और पशु-पक्षी पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। उत्तर प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी नगर पंचायत ओबरा में विकास के दावों की हवा निकलती दिखाई दे रही है। जहां एक ओर सरकार हर घर जल और नगर सृजन जैसी योजनाओं से जनता को राहत देने का दम भर रही है, वहीं ओबरा के वार्ड नंबर 3 में स्थिति इसके ठीक उलट है। यहाँ शारदा मंदिर चौराहे पर लगा लाखों की लागत का स्वच्छ जल आपूर्ति वाटर समरसेबल एवं ऊर्जा प्लांट अब केवल एक शोपीस बनकर रह गया है। वर्ष 2024 में इस प्लांट का भव्य लोकार्पण समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव गोड़ द्वारा नगर पंचायत अध्यक्ष चांदनी देवी की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया था। उद्घाटन के समय यह दावा किया गया था कि यह प्लांट चौराहे से गुजरने वाले हजारों लोगों की प्यास बुझाएगा। लेकिन विडंबना देखिए कि सब कुछ नया होने के बावजूद, उद्घाटन के कुछ ही समय बाद यह प्लांट बंद हो गया और तब से धूल फांक रहा है। इस मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग और नागरिकों का आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष, जो कि समाजवादी पार्टी से संबंधित हैं, जानबूझकर योगी सरकार और नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा की जनहितकारी योजनाओं को नजरअंदाज कर रही हैं। जनता के बीच यह चर्चा आम है कि क्या यह प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ जी की विकासवादी छवि को धूमिल करने की साजिश है। क्या सरकारी धन का दुरुपयोग कर जानबूझकर योजनाओं को क्रियान्वित नहीं किया जा रहा। आपको बताते चले शारदा मंदिर चौराहा ओबरा का सबसे व्यस्ततम केंद्र है। जैसे की डिग्री कॉलेज और तहसील की ओर। बिल्ली रेलवे स्टेशन की ओर। ओबरा मुख्य शहर को जोड़ता है। प्रतिदिन यहाँ से हजारों छात्र, यात्री और राहगीर गुजरते हैं। भीषण गर्मी और तपती धूप में लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं, जबकि सामने खड़ा लाखों का प्लांट प्रशासन की उदासीनता पर ठहाके मार रहा है। नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली उनके विजन को चुनौती दे रही है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस सफेद हाथी को तत्काल चालू कर जनता को पेयजल उपलब्ध नहीं कराया गया, क्या भ्रष्टाचार और राजनीतिक खींचतान की बलि चढ़ेगी जनता की प्यास?
ओबरा में विकास या विनाश लाखों का ऊर्जा प्लांट बना सफेद हाथी, सपा अध्यक्ष और प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
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