ओबरा (सोनभद्र)।पतंजलि योगपीठ हरिद्वार से संबद्ध भारत स्वाभिमान सोनभद्र के जिला प्रभारी वीरेंद्र योगी जी के नेतृत्व में आयोजित ‘नवरंग समर योग शिविर’ के दूसरे दिन योग साधकों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। शिविर में न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के गुर सिखाए गए, बल्कि मानसिक शांति और राष्ट्र निर्माण में योग की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई। शिविर के दूसरे दिन जिला प्रभारी वीरेंद्र योगी जी ने उपस्थित सभी वरिष्ठ जनों और संभ्रांत नागरिकों को योगिक जॉगिंग के साथ सत्र की शुरुआत कराई। इसके बाद शरीर को निरोग और लचीला बनाने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण आसनों का गहन अभ्यास कराया गया ।पेट के बल किए जाने वाले आसन मकर आसन, शलभ आसन, भुजंगासन, और धनुरासन। पीठ के बल किए जाने वाले आसन नौका आसन, मर्कटासन, पवनमुक्तासन, और अर्ध-हलासन। इन आसनों के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है, पाचन तंत्र सुधरता है और जोड़ों के दर्द से मुक्ति मिलती है। शारीरिक क्रियाओं के उपरांत मन को शांत करने, मानसिक तनाव को दूर करने और एकाग्रता बढ़ाने के लिए विशेष रूप से भ्रामरी प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया गया। वीरेंद्र योगी जी ने बताया कि चित्त की स्थिरता और एकाग्रता ही स्वस्थ जीवन शैली का मुख्य आधार है। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्य योग शिक्षक वीरेंद्र योगी जी ने कहा योग भारत वर्ष की अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली ऋषि-महर्षि परंपरा है। इसके नियमित अभ्यास से न केवल हमारा तन और मन स्वस्थ होता है, बल्कि हमारा परिवार, समाज और संपूर्ण राष्ट्र शक्तिशाली बनता है। योग के माध्यम से ही हम आने वाली पीढ़ी को संस्कारवान, गुणवान, धैर्यवान, शीलवान और पुरुषार्थी बना सकते हैं। शिविर के विशेष सत्र में वीरेंद्र योगी जी द्वारा परम पूज्य श्रद्धेय स्वामी रामदेव जी महाराज द्वारा लिखित महत्वपूर्ण योग पुस्तक नवरंग समर कैंप की संचालिका मीनाक्षी सिंह को भेंट स्वरूप प्रदान की गई, ताकि शिविर के बाद भी योग की इस अलख को निरंतर जगाए रखा जा सके। इस अवसर पर मुख्य रूप से ऋचा वर्मा, अनु प्रसाद, बिंदु चौहान सहित भारी संख्या में स्थानीय माताएं, बहनें और योग अनुरागी उपस्थित रहे। सभी ने समर कैंप के इस अनूठे प्रयास की सराहना की और योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
नवरंग समर कैंप में योग शिविर का दूसरा दिन योग से ही बनेगा स्वस्थ, संस्कारवान और शक्तिशाली राष्ट्र
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