सोनभद्र। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों और जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रामसुलीन सिंह के कुशल मार्गदर्शन में शनिवार, 9 मई 2026 को जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन ने न्याय प्रक्रिया को सुलभ और त्वरित बनाते हुए हजारों परिवारों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी। राष्ट्रीय लोक अदालत का औपचारिक उद्घाटन जनपद न्यायाधीश रामसुलीन सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने बैंकों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने बैंक प्रतिनिधियों का उत्साहवर्धन करते हुए आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक आमजन को लाभान्वित करें और आपसी सुलह के आधार पर मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करें। इस गरिमामयी अवसर पर न्यायिक जगत की प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें रचना अरोड़ा (प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय)अशोक कुमार नवम् (पीठासीन अधिकारी, एम.ए.सी.टी.) संदीप गुप्ता-II (प्रथम अपर जनपद न्यायाधीश) राहुल (सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) अशोक प्रसाद श्रीवास्तव (अध्यक्ष, सोनभद्र बार एसोसिएशन) सहित तमाम न्यायिक अधिकारी और अधिवक्तागण शामिल हुए। लोक अदालत में सुलह-समझौते के माध्यम से विभिन्न प्रकृति के वादों को सुना गया। इनमें मुख्य रूप से आपराधिक शमनीय वाद और धारा-138 एन.आई. एक्ट। बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना प्रतिकर (MACT) और पारिवारिक विवाद।
श्रम, भूमि अधिग्रहण, राजस्व वाद तथा विद्युत एवं जल बिल विवाद। सेवा निवृत्ति के लाभ, वेतन-भत्ते और अन्य सिविल वाद (किराया, व्यादेश आदि)।
जनपद के विभिन्न न्यायालयों ने सराहनीय प्रदर्शन करते हुए कुल 3,772 मामलों का निपटारा किया, जिसमें 4,33,58,222 रुपये की जुर्माना एवं समाधान धनराशि वसूल की गई। प्रमुख निस्तारण इस प्रकार रहे। MACT कोर्ट अशोक कुमार नवम् द्वारा 30 मामलों में 3.24 करोड़ रुपये का प्रतिकर दिलाया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज द्वारा सर्वाधिक 2,905 मामलों का निस्तारण किया गया।
प्रथम अपर जनपद न्यायाधीश संदीप गुप्ता-II द्वारा 143 मामलों में 59.60 लाख रुपये का निस्तारण हुआ। उपभोक्ता फोरम 03 मामलों में 16.61 लाख रुपये से अधिक की धनराशि पर समझौता हुआ।
केवल न्यायालय ही नहीं, बल्कि राजस्व और अन्य प्रशासनिक विभागों ने भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। राजस्व एवं अन्य विभाग कुल 83,780 मामलों का निस्तारण कर 19.56 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का समाधान किया गया। बैंक मामले निजी और सार्वजनिक बैंकों के 474 मामलों में 2.54 करोड़ रुपये का निपटारा हुआ। विशेष लोक अदालत 7 से 9 मई के बीच आयोजित लघु अपराध (Petty Offences) के भी 26 मामले सुलझाए गए। कुल परिणाम इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 88,026 मामलों का अंतिम रूप से निस्तारण किया गया, जिसकी कुल समाधान धनराशि 26,44,64,438 रुपये (26.44 करोड़) रही। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा साझा की गई यह जानकारी दर्शाती है कि लोक अदालत न केवल न्यायालयों का बोझ कम करने में सहायक है, बल्कि यह आम आदमी के लिए सस्ता और सुलभ न्याय सुनिश्चित करने का सबसे सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। बार और बेंच के आपसी सहयोग ने इस आयोजन को ऐतिहासिक सफलता दिलाई।
सोनभद्र राष्ट्रीय लोक अदालत में न्याय की लहर, एक ही दिन में 88,000 से अधिक मामलों का हुआ निपटारा
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