सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) 04 जून, 2026 जनपद में ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके द्वारा तैयार उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की आजीविका गतिविधियों को नई गति देने के उद्देश्य से आज जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अधिकारियों और समूह की महिलाओं के साथ कलेक्ट्रेट में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में जिलाधिकारी ने महिलाओं से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी जमीनी समस्याओं को जाना और उनके द्वारा निर्मित किए जा रहे अभिनव उत्पादों की सराहना की। सीधे संवाद के दौरान स्वयं सहायता समूह की दीदियों ने जिलाधिकारी को अपने द्वारा तैयार किए जा रहे विभिन्न विशिष्ट उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। महिलाओं ने बताया कि वे वर्तमान में तकनीकी रूप से उन्नत और स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों का निर्माण कर रही हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं। सोया मिल्क (Soy Milk) और सोया पनीर (Tofu) बकरी के दूध से निर्मित प्राकृतिक साबुन (Goat Milk Soap) अन्य विभिन्न घरेलू व हस्तशिल्प उत्पाद जिलाधिकारी ने महिलाओं के इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण महिलाओं द्वारा ऐसे उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का निर्माण करना जनपद के लिए गर्व की बात है। महिलाओं को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की समयबद्ध एवं बेहतर विपणन (मार्केटिंग) व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें उनकी कड़ी मेहनत और उत्पादों का उचित बाजार मूल्य मिल सके। इसके साथ ही उत्पाद निर्माण में प्रयुक्त होने वाली आवश्यक कच्ची सामग्री (Raw Material) की उपलब्धता भी समय से सुनिश्चित की जाए, ताकि उत्पादन कार्य में कभी कोई रुकावट न आए। उन्होंने डीसी एनआरएलएम (DC NRLM) को कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि इन उत्पादों के बेहतर विपणन, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार विस्तार (Market Linkage) के लिए एक व्यापक व ठोस कार्ययोजना (Action Plan) तैयार की जाए। प्रशासन का मुख्य फोकस अब जिले की अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के दायरे में लाना है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि समूह आधारित आजीविका गतिविधियों से न केवल महिलाओं की व्यक्तिगत और पारिवारिक आय में वृद्धि होगी, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक जीवन स्तर में एक बड़ा सकारात्मक सुधार आएगा। महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ना ही इस पूरी योजना का प्राथमिक लक्ष्य है। सकारात्मक और दूरगामी निर्णयों वाली इस बैठक में प्रशासनिक अमले के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं जागृति अवस्थी (मुख्य विकास अधिकारी – CDO) सरिता सिंह (उपायुक्त स्वत रोजगार / डी0सी0 एनआरएलएम) विभिन्न संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारीगण।
सोनभद्र स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए बनेगी बड़ी बाजार कार्ययोजना, जिलाधिकारी ने दिए ब्रांडिंग और स्वरोजगार बढ़ाने के निर्देश
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