सोनभद्र। उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश के संरक्षण तथा संवर्धन की दिशा में सोनभद्र जिला प्रशासन ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने नई हिंदुआरी में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (डीएमएफ) फंड से एक आधुनिक व आत्मनिर्भर वृहद गौशाला के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इस महात्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 1 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत आएगी, और इसका निर्माण कार्य जल्द ही धरातल पर शुरू करा दिया जाएगा। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने परियोजना की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस प्रस्तावित वृहद गौशाला का मुख्य उद्देश्य सड़कों और खेतों में घूम रहे निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय देना तथा उनके संवर्धन व समुचित पुनर्वास की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। गौशाला के ढांचे को बेहद आधुनिक और मौसम के अनुकूल बनाया जाएगा। गोवंश को धूप, सूखी ठंड और बारिश से बचाने के लिए परिसर में दो आधुनिक शेड बनाए जाएंगे, जिनके निर्माण पर 82.88 लाख रुपये व्यय होंगे। सालभर हरे और सूखे चारे की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 12.67 लाख रुपये की लागत से एक विशाल भंडारण कक्ष का निर्माण कराया जाएगा। इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका आत्मनिर्भर होना है। जिलाधिकारी ने बताया कि पारंपरिक गौशालाओं के विपरीत इसे एक आर्थिक मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए परिसर में लगभग 15 लाख रुपये की लागत से एक वर्मी कम्पोस्ट यूनिट (केंचुआ खाद इकाई) स्थापित की जाएगी। गौशाला में एकत्र होने वाले गोबर से उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद (वर्मी कम्पोस्ट) तैयार की जाएगी। इस खाद की बिक्री से जो भी आय प्राप्त होगी, उसका सीधा उपयोग गोवंश के चारे, पानी, दवाइयों और गौशाला की अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने में किया जाएगा। इससे गौशाला संचालन के लिए बाहरी बजट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। प्रशासन के मुताबिक, इस वृहद गौशाला में गोवंश की सेहत और देखभाल से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पशुओं के लिए चौबीसों घंटे स्वच्छ पेयजल, नियमित टीकाकरण, पशु चिकित्सकों की देखरेख में चिकित्सा सुविधा तथा समुचित रख-रखाव के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। यह परियोजना न केवल बेसहारा गोवंश को संरक्षण देगी, बल्कि क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा देने, पर्यावरण को संतुलित रखने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नया संबल प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

