भदोही:जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से सभी विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों से आए फरियादियों की समस्याएं सुनते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनशिकायतों का निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी विभाग अपने यहां प्राप्त शिकायतों के निस्तारण को प्राथमिकता दें तथा किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी विभाग में शिकायतों की पेंडेंसी पाई गई तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक कार्यदिवस में प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक अपने-अपने कार्यालय कक्ष में उपस्थित रहकर आमजन की शिकायतें सुनने तथा उनका नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह समय आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए निर्धारित किया गया है, इसलिए इसका कड़ाई से पालन किया जाना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह संज्ञान में आया है कि कुछ अधिकारी जनसुनवाई की निर्धारित अवधि के दौरान कार्यालय में उपस्थित न रहकर अन्य कार्यों में व्यस्त रहते हैं, जबकि ऐसे कार्य जनसुनवाई के उपरांत भी किए जा सकते हैं। उन्होंने इस प्रवृत्ति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्थिति शासन की मंशा के अनुरूप नहीं है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी जनपदीय अधिकारियों को प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक अपने कार्यालय में स्वयं उपस्थित रहने, आमजन की शिकायतों को गंभीरता से सुनने तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर उनका गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल शासन की मंशा पूर्ण होगी, बल्कि आमजन को भी समयबद्ध राहत एवं न्याय प्राप्त हो सकेगा।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से संवेदनशीलता, जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ कार्य करने की अपेक्षा करते हुए कहा कि जनसुनवाई व्यवस्था प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसकी प्रभावशीलता बनाए रखना प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनसुनवाई में किसी प्रकार की शिथिलता, उदासीनता अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
