जमानिया (गाजीपुर)। तहसील क्षेत्र के एक दलित किसान ने खरीदी गई कृषि भूमि पर कब्जा करने के प्रयास, फसल बर्बाद करने और खेती करने से रोकने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसने वर्ष 2019 में जिला प्रशासन की अनुमति के बाद अपनी भूमि बेचकर मौजा सुनहरिया स्थित आराजी संख्या-195 में से डेढ़ बीघा कृषि भूमि का विधिवत बैनामा कराया था। बैनामे के बाद से वह भूमि पर काबिज होकर खेती करता रहा और उसका नाम खतौनी में भी दर्ज हो गया।
आरोप है कि सहखातेदारों ने बैनामा और नामांतरण को निरस्त कराने के लिए विभिन्न न्यायालयों में वाद दायर किए, लेकिन संबंधित न्यायालयों ने उनके दावों को खारिज कर दिया। इसके बाद सक्षम न्यायालय की ओर से भूमि का सीमांकन कर पत्थर भी लगवाए गए, जिन्हें विपक्षियों ने कथित तौर पर उखाड़ दिया।
प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि पहले गेहूं की खड़ी फसल पर रासायनिक पदार्थ डालकर उसे नष्ट कर दिया गया था। अब दबंग खेती करने से रोक रहे हैं और धमकियां देकर भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि वह गरीब एवं अनुसूचित जाति का व्यक्ति है और खेती ही उसके परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन है।
पीड़ित ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए आरोपितों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने तथा उसकी भूमि और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
दलित किसान ने दबंगों पर जमीन कब्जाने का लगाया आरोप, डीएम से कार्रवाई की मांग
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