हापुड़ (मनीष कुमार) मोनाड विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष योग दिवस की थीम स्वास्थ्य बुढ़ापे के लिए योग रही। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों शिक्षकों एवं कर्मचारियों को योग के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था कार्यक्रम में मुख्य योग विशेषज्ञ के रूप में डॉ. सुदीप कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, योग विभाग, सनराइज विश्वविद्यालय तथा डॉ. रामकिशोर, असिस्टेंट प्रोफेसर योग विभाग शोभित विश्वविद्यालय मेरठ उपस्थित रहे। दोनों विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया तथा योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को तनावमुक्त, ऊर्जावान एवं स्वस्थ बनाता है तथा जीवन में सकारात्मकता का संचार करता है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एम. जावेद ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य देन है, जिसने आज वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य एवं कल्याण के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि योग शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक संतुलन बनाए रखने का सर्वोत्तम माध्यम है। वर्तमान भागदौड़ भरे जीवन में योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाकर हम न केवल स्वयं को स्वस्थ रख सकते हैं, बल्कि एक सकारात्मक एवं सशक्त समाज के निर्माण में भी योगदान दे सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से नियमित योगाभ्यास अपनाने तथा योग के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया ।
इस अवसर पर स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स के संकायाध्यक्ष डॉ. सुनील श्रीवास ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक वैज्ञानिक एवं अनुशासित पद्धति है। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति का शारीरिक स्वास्थ्य सुदृढ़ होने के साथ-साथ मानसिक संतुलन एवं आत्मिक विकास भी होता है। वर्तमान समय में स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए योग को दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाना आवश्यक है।
वहीं स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज की संकायाध्यक्ष डॉ. सोमा दास ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो सम्पूर्ण मानवता को स्वास्थ्य, शांति एवं सद्भाव का संदेश देता है। विद्यार्थियों को योग को अपनाकर अपने व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक ममतेश सोलंकी, अमित मित्तल आदि सहित छात्र मनीष चौधरी, निखिल खारी के साथ अन्य छात्र छात्राओं ने बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया तथा नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन स्वस्थ, तनावमुक्त एवं योगमय जीवन के संदेश के साथ किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए योग को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
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