म्योरपुर/बीना (सोनभद्र), 13 जून 2026 एक तरफ जहां जून महीने की भीषण गर्मी अपने चरम पर है और पारा आसमान छू रहा है, वहीं सोनभद्र जनपद के म्योरपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बाँसी (एस.आर.टी. टोला) में पेयजल का संकट गहरा गया है। स्थिति यह है कि ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। गाँव के मुख्य हैंडपंप और एकमात्र आरओ (RO) प्लांट लंबे समय से शोपीस बने हुए हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को इस चिलचिलाती धूप में पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। बाँसी एस.आर.टी. टोले में प्रशासनिक दावों की पोल खोलती एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ का मुख्य हैंडपंप इस कदर जर्जर हो चुका है कि उसका लोहे का मुख्य हैंडल पूरी तरह टूट गया है। पानी की किल्लत से बेबस ग्रामीणों ने अब अपनी प्यास बुझाने के लिए एक अनोखा देसी जुगाड़ निकाला है। ग्रामीणों ने हैंडल की जगह एक मजबूत लकड़ी के पटरे को रस्सी से बांधकर जुगाड़ू हैंडल बनाया है। इस लकड़ी के सहारे बड़ी मशक्कत और ताकत लगाने के बाद थोड़ा-बहुत पानी निकलता है। हैंडपंप को चलाने में इतनी मशक्कत करनी पड़ती है कि महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए यहाँ से पानी भरना एक बेहद थका देने वाला और जोखिम भरा काम बन गया है। केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर जल योजना को लेकर भी ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस योजना के तहत मिलने वाला पानी कभी-कभी ही आता है और वह भी इतने कम समय के लिए कि पूरे टोले की जरूरत पूरी नहीं हो पाती। ऐसे में जब नल सूख जाते हैं, तो ग्रामीणों के पास इस टूटे हुए हैंडपंप पर घंटों लाइन लगाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पेयजल की इस विकराल समस्या और खराब पड़े आरओ प्लांट को लेकर कई बार ग्राम प्रधान और प्रधान प्रतिनिधि को लिखित व मौखिक रूप से सूचना दी है। लेकिन जनप्रतिक्षियों और जिम्मेदार अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। प्रधान प्रतिनिधि की इस घोर अनदेखी के चलते अब ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे रहा है।गाँव की महिलाओं ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा, इस भीषण गर्मी में घर का काम संभालें या दिन भर पानी का इंतजाम करें? लकड़ी के सहारे हैंडपंप चलाने में हाथ-पैर में दर्द होने लगता है। अगर जल्द ही हैंडपंप ठीक नहीं हुआ या टैंकरों से पानी की सप्लाई नहीं की गई, तो हम लोग तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। भीषण गर्मी के इस मौसम में बाँसी एस.आर.टी. टोला के ग्रामीणों की यह स्थिति विभागीय दावों पर बड़े सवाल खड़े करती है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले को संज्ञान में लेकर कब तक ग्रामीणों को इस संकट से निजात दिलाता है।
सोनभद्र पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण, लकड़ी के जुगाड़ के सहारे चल रहा खराब हैंडपंप
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