(गाजीपुर)। साहित्य, शिक्षा एवं सांस्कृतिक चेतना को समर्पित स्वर्गीय जगदीश राय (प्रव.) की पुण्य स्मृति में आयोजित “सारस्वत अनुष्ठान एवं पुस्तक लोकार्पण समारोह” रविवार को किशन मंडपम, करीमुद्दीनपुर में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में साहित्यकारों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
समारोह के अंतर्गत वरिष्ठ साहित्यकार एवं विशिष्ट कुंडलिया रचनाकार शेषनाग राय “शेष” की कृति का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. मांधाता राय ने की।
मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद वाराणसी डॉ. विनोद कुमार राय उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज गाजीपुर डॉ. विकास मुनी राय ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
इस अवसर पर वक्ताओं में डॉ. रामवदन राय, श्री हरे राम सिंह, डॉ. कमलेश राय एवं श्रीमती अपर्णा मुकेश राय ने अपने विचार व्यक्त करते हुए स्वर्गीय जगदीश राय के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने उनके शैक्षिक, सामाजिक एवं साहित्यिक योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को प्रेरणा प्रदान करते हैं तथा समाज में ज्ञान और संस्कार की परंपरा को सुदृढ़ करते हैं।
संपूर्ण आयोजन अत्यंत सुव्यवस्थित, गरिमामय एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उपस्थित अतिथियों एवं श्रोताओं ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे क्षेत्र की साहित्यिक चेतना को सशक्त बनाने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बताया।

