भांवरकोल, गाजीपुर |, दृष्टि उजागर समाचार टाइम्स 4 जून को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए एक बड़े नक्सल विरोधी अभियान में 17 नक्सलियों को मार गिराने के बाद सीआरपीएफ की 159वीं बटालियन के अधिकारियों और जवानों को वीरता एवं उत्कृष्ट सेवा सम्मान प्रदान करने के लिए चुनाव किया गया है |
जिले की बलिदानी धरती शेरपुर गांव के निवासी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में तैनात असिस्टेंट कमांडेंट प्रेम शंकर राय को वीरता पुरस्कार (गैलेंट्री अवार्ड) के लिए चुना गया है।
प्रेम शंकर राय के पिता अमर शहीद विजय शंकर राय भी सीआरपीएफ में कार्यरत थे। 18 जुलाई 1992 में जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे। बाद में उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
गौरतलब है कि 29 मार्च 2025 को सुकमा जिले के थाना केरलापाल क्षेत्र अंतर्गत नेड़ुम-उपमपल्ली के जंगल एवं पहाड़ी इलाके में सीआरपीएफ, डीआरजी और सिविल पुलिस की संयुक्त टीम ने कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) चलाया था। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 17 नक्सली मारे गए थे। घटनास्थल से हथियार और अन्य सामग्री भी बरामद की गई थी। मुठभेड़ में सीआरपीएफ के सिपाही मनोज कुमार सहित तीन डीआरजी जवान घायल हुए थे।इससे पहले भी असिस्टेंट कमांडेंट प्रेम शंकर राय को उनकी बहादुरी के लिए महानिदेशक के प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया गया है।

