सोनभद्र/दिनांक 20 मई, 2026। जनपद में लगातार बढ़ रहे धूल (डस्ट) प्रदूषण और उससे आमजन को होने वाली दिक्कतों को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में कल (मंगलवार) कलेक्ट्रेट सभागार में डस्ट नियंत्रण एवं प्रदूषण निस्तारण को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद के डस्ट प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को धरातल पर प्रभावी व समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रदूषण नियंत्रण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने डस्ट से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों—नगर पंचायत डाला, ओबरा एवं अनपरा में विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों के अधिक धूल प्रभावित इलाकों में एंटी-स्मोक गन के माध्यम से प्रतिदिन नियमित रूप से जल का छिड़काव कराया जाए। सड़क किनारे उड़ने वाली धूल को हवा में बैठने से रोकने के लिए समय-सारणी भी तय कर दी गई है। यह अभियान प्रतिदिन दो शिफ्टों में संचालित होगा। प्रथम शिफ्ट प्रात 10:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक, द्वितीय शिफ्ट सायं 5:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक नियमित साफ-सफाई और जल छिड़काव से आमजन को धूल के गुबार से जल्द राहत मिलनी चाहिए। निर्माण कार्यों में भी प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। चर्चित गौड़, जिलाधिकारी, सोनभद्र अभियान केवल कागजों पर न रहे, इसके लिए जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (RO, UPPCB) को सीधी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारी को निर्देश दिए कि नगर पंचायतों द्वारा कराए जा रहे छिड़काव और डस्ट नियंत्रण कार्यों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए और इसकी प्रगति रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। डीएम ने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए टीम भावना से काम करने की हिदायत दी है। सोनभद्र में संचालित औद्योगिक इकाइयों और क्रशर प्लांटों से उड़ने वाली धूल को लेकर भी जिलाधिकारी बेहद गंभीर दिखे। उन्होंने आर.ओ. यू.पी.सी.बी. को निर्देशित किया कि अधिकारियों की विशेष टीम बनाकर जनपद में संचालित सभी कंपनियों और क्रशर प्लांटों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण के दौरान जो भी कंपनियां या क्रशर प्लांट अत्यधिक प्रदूषण फैलाते हुए या मानकों का उल्लंघन करते हुए पाए जाएं, उनके विरुद्ध तत्काल और कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सड़क किनारे अवैध रूप से फेंके जाने वाले फ्लाई ऐश (राख) को लेकर भी बैठक में सख्त रुख अपनाया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी भी मुख्य या संपर्क मार्ग के किनारे अनाधिकृत (अवैध) तरीके से फ्लाई ऐश फेंका हुआ पाया जाता है, तो इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति, ट्रांसपोर्टर या संबंधित इकाई के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सचेत किया कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई मिलने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी के साथ अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) वागीश कुमार शुक्ला, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (RO UPPCB) के अधिकारी आर.के. सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारीगण मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

